उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में मकर संक्रांति का नहान कराने के लिए प्रदेश सरकार ने महाकुंभ सिंहस्थ जैसी तैयारी की है। संक्रांति पर ऐसी तैयारी पहली बार हुई है। श्रद्धालु साफ बहते जल में स्नान कर पाएं इसके लिए शनिवार को शिप्रा बेराज से 2.38 मिलियन क्यूबिक मीटर नर्मदा का पानी उज्जैन के लिए छोड़ा गया था, जिसमें से एक एमसीएम पानी रविवार शाम तक उज्जैन के रामघाट पहुंचा। सभी घाटों पर लाइट और सफाई के बेहतर इंतजाम किए गए हैं।

जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। शनैश्चरी अमावस्या पर नहान के लिए नर्मदा का पानी उज्जैन नहीं आने पर प्रदेश सरकार की किरकिरी हुई थी। श्रद्धालुओं को सूखी शिप्रा नदी में उतर गड्ढे में भरे जल से स्नान करना पड़ा था। कुछ तो आचमन कर ही लौट गए थे। इसके बाद नर्मदा का पानी उज्जैन लाने का इंतजाम किया और वैकल्पिक इंतजाम स्वरूप गऊघाट का पानी त्रिवेणी पर लिफ्ट किया।

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