नागदा जंक्शन। कृषि भूमि, मकान प्लाट की रजिस्ट्री अब गूगल मैप पर जीओ टैगिंग के माध्यम से होगी। इसको लेकर विभागीय स्तर पर कार्य शुरू हो गया है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इसको पूर्ण कर नए वित्तीय वर्ष में गूगल मैप से रजिस्ट्रियां हो सकेंगी, जिसको लेकर सर्विस प्रोवाइडरों एवं पंजीयनकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है।

जिला मूल्यांकन समिति द्वारा 1 अप्रैल से गाइड लाइन की बढ़ोतरी को लेकर बैठक आहुत कर प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। बैठक में शहर सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को दर्शाने के लिए अब गूगल मैप का सहारा लिया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी तक सर्विस प्रोवाइडर या रजिस्ट्री कराने वाला पक्षकार कृषि भूमि या प्लाट पर खड़ा होकर भूखंड का फोटो विभाग को उपलब्ध कराता था, जिससे कई बार विवाद की स्थिति निर्मित होती थी, जिससे पक्षकार व अन्य व्यक्ति को रजिस्ट्री शून्य घोषित कराने के लिए लंबी न्यायालयीन या विभागीय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब ऐसे प्रकरणों में अंकुश लगाने के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में जीओ टैगिंग के माध्यम से रजिस्ट्री करने की तैयार कर ली गई है। गूगल मैप पर कृषि भूमि या प्लाट की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही रजिस्ट्री हो सकेगी। मूल्यांकन समिति द्वारा रजिस्ट्री की गाइड लाइन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से बढ़ी हुई गाइड लाइन और गूगल मैप के माध्यम से रजिस्ट्री होगी।

गौरतलब है कि रजिस्ट्री कराने के दौरान पक्षकार या सर्विस प्रोवाइडर द्वारा कम गाइड लाइन वाला क्षेत्र दर्शाकर रजिस्ट्री करवाई जाती है, जिससे राजस्व की नुकसानी उठानी पड़ती है। अब गूगल मैप से रजिस्ट्री होने से राजस्व की चोरी नहीं हो सकेगी।

कोरोना के कारण गाइडलाइन में मिली थी राहत

पिछले 5 वर्षों से कृषि भूमि, मकान, प्लाट की रजिस्ट्री की गाइडलाइन में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। कांग्रेस सरकार ने गाइड लाइन 20 प्रतिशत कम कर दी थी। वर्ष 2021 में जिला मूल्यांकन समिति ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में 10 प्रतिशत से लेकर 45 प्रतिशत अलग-अलग स्थानों की गाइडलाइन की बढ़ोतरी की अनुशंसा कर आइजी कार्यालय भोपाल भेजी है। जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में शहर में 10 से लेकर 65 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से लेकर 30 प्रतिशत गाइडलाइन की बढ़ोतरी की अनुशंसा की गई है।

इन क्षेत्रों में रहेगी नजर

जवाहर मार्ग व महात्मा गांधी मार्ग पर 10 बाय 50 के मकान की कीमत डेढ़ से 2 करोड़ रुपये है। इसके मान से 42 हजार वर्गमीटर के स्थान पर 66 हजार वर्गमीटर होना चाहिए। शहर में ऐसे कई क्षेत्र हैं, जिनमें मकान व प्लाट की गाइडलाइन से 4 गुना कीमत है। ऐसे ही नागदा-उन्हेल रोड, नागदा-खाचरौद, नागदा-बेड़ावन्या रोड, नागदा-महिदपुर रोड मार्ग पर कृषि भूमि की एक बीघा भूमि की कीमत 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की है। इसको देखते हुए यह गाइडलाइन में बढ़ोतरी हो तो 5 से 8 गुना भी कम होती है।

इनका कहना....

शहर व ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि, मकान व प्लाट की रजिस्ट्रियां अब गूगल मैप से होगी, जिसके लिए विभागीयस्तर पर कार्य शुरू हो चुका है। जीओ टैगिंग से रजिस्ट्रियां होने से विवाद की स्थिति पर काफी हद तक अंकुश लगेगा और राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

-राशिद खान, उप पंजीयक, नागदा

Posted By: Nai Dunia News Network

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