Road Safety Campaign Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। तेज गति से वाहन चला रहे लोगों पर पुलिस कड़ी नजर रखे है। निर्धारित गति से तेज वाहन चलाते पाए जाने पर पुलिस अधिकारी चालक का चालान काट रहे हैं। समझाइश भी दे रहे हैं कि आगे से गाड़ी तेज न चलाएं। रविवार को यातायात थाना प्रभारी पवन कुमार बागड़ी के निर्देश पर बड़नगर रोड पर इंटरसेप्टर व्हीकल इंचार्ज ने तेज रफ्तार चलते वाहनों की मशीन से जांच की। जो वाहन तेज गति से चलते पाए उनका चालान बनाया गया। बगैर हेलमेट वाहन चलाते पाए लोगों को रोक हेलमेट पहनने की समझाइश दी।

बता दें कि सड़क दुर्घनाओं को रोकने और यातायात नियमों पालन सुनिश्चित कराने के लिए नईदुनिया बीते तीन सप्ताह से ' इन दौड़ती भागती सड़कों पर..' मुहिम चला रहा है। इसके तहत नईदुनिया उज्जैन जिले की 350 किलोमीटर लंबी सड़कों का आडिट लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त बीडी शर्मा, नगर निगम से सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री अरुण जैन और महाकाल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी की हाइवे ट्रैफिक इंजीनियरिंग एक्सपर्ट प्रोफेसर विष्णु पाटीदार से करवा चुके हैं। किन सड़कों पर अंधे खतरनाक मोड़ है, यातायात संकेतकों की कमी है, अतिक्रमण है, बाएं मोड़ पर बाधाएं, गड्डे है, यह बताने के बाद लोगों को नियमित यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। मुहिम से जुड़ शहर के प्रबुद्धजन भी नागरिकों से अपील कर रहे हैं वे कि वे नियम से गाड़ी चलाएं और गाड़ी का मैंटेंनेस कर सभी कागजात अपडेट रखें। यातायात डीएसपी सुरेन्द्रपाल सिंह राठौर और थाना प्रभारी पवन बागड़ी के निर्देशन में प्रतिदिन सड़क पर नागरिकों को वाहन यातायात नियमों का पालन कर चलाने की समझाइश दी जा रही है। स्कूलों में यातायात की विशेष जागरूकता क्लास लगवाई जा रही है।

यह भी जानिये

सड़कों से गुजरती तेज रफ्तार गाड़ियों को पकड़ने के लिए उज्जैन जिला पुलिस के पास एक 'इंटरसेप्टर वाहन' है। इंटरसेप्टर वाहन की खासियत है कि यह करीब 800 मीटर दूर से ही वाहन की गति भांप लेता है। इतनी ही दूूरी से वाहन की नंबर प्लेट की पहचान भी कर लेता है। वाहन में साउंड मीटर, स्पीड रडार सहित अन्य कई तकनीकी साधन अटैच हैं। वाहन में लगी स्पीड रडार गन की रेंज में आने पर वाहनों की गति पता चल जाती है। मीटर में पता चल जाता है कि वाहन कितनी गति में था। यदि गति तेज होती है तो उस गाड़ी को ट्रैफिक पाइंट पर रोक लिया जाता है और चालानी कार्रवाई की जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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