उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक गोपाल येवतीकर का 87 वर्ष की आयु में बुधवार सुबह निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने संघ कार्यालय आराधना भवन जाकर स्व. येवतीकर को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और आरएसएस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। सीएम ने कहा कि गोपालजी व्यक्ति नहीं, विचार थे। संस्था थे, प्रेरणा थे। हमारे जैसे स्वयं सेवक भी उनसे ही तैयार हुए। गोपालजी ने जो कह दिया वह हमारे लिए पत्थर की लकीर थी। कल ही उनका फोन आया था, उनकी आवाज सुनकर नहीं लगा कि वे इतनी जल्दी चले जाएंगे। हम उनके बताए मार्ग पर चलते रहेंगे।

संघ के महानगर प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र परिहार ने बताया कि गोपालजी येवतीकर का जन्म 4 अक्टूबर 1937 को इंदौर में हुआ था। वे विश्व हिंदू परिषद, वनवासी कल्याण आश्राम, सिख संगत जैसे कई संगठनों में पदाधिकारी रहे। 1961 में वे प्रचारक बने। बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। अस्वस्थ होने के बावजूद कार्यकर्ताओं से उनका जीवंत संपर्क था। बुधवार सुबह उनका निधन हुआ। अंतिम यात्रा संघ कार्यालय आराधना भवन से निकाली गई। क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी, क्षेत्र प्रचारक दीपक विसपूते, प्रांत प्रचारक बलिराम पटेल, राजमोहन, विनित नवाथे, रघुवीर सिंह सिसौदिया आदि ने येवतीकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

1961 में वे प्रचारक बने। बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। अस्वस्थ होने के बावजूद कार्यकर्ताओं से उनका जीवंत संपर्क था। बुधवार सुबह उनका निधन हुआ। अंतिम यात्रा संघ कार्यालय आराधना भवन से निकाली गई। क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी, क्षेत्र प्रचारक दीपक विसपूते, प्रांत प्रचारक बलिराम पटेल, राजमोहन, विनित नवाथे, रघुवीर सिंह सिसौदिया आदि ने येवतीकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close