उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित प्रसिद्ध जूना महाकाल मंदिर में भी बुधवार को शिवनवरात्रि उत्सव की शुरुआत हुई। पुजारियों ने सुबह भगवान को का पंचामृत अभिषेक पूजन कर केसर, चंदन का उबटन लगाया। पश्चात सुंगधित द्रव्यों से स्नान कराकर दूल्हा रूप में श्रृंगार किया। पुजारी पं.भरत जोशी ने बताया फाल्गुन शुक्ल पंचमी से फाल्गुन त्रयोदशी महाशिवरात्रि तक जूना महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर रात्रिकालीन पूजा के उपरांत भगवान का सेहरा श्रृंगार किया जाएगा। महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि में हरि कीर्तन की परंपरा है। इंदौर के कानड़कर परिवार द्वार सन् 1909 से यह परंपरा निभाई जा रही है। बुधवार को कानड़कर परिवार के पं.रमेश कानड़कर ने नारदीय संकीर्तन से भक्तों को हरि हर कथा सुनाई। महाशिवरात्रि तक प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक हरि कीर्तन होगा।

श्रेयांशनाथ मंदिर में हुआ ध्वजारोहण,108 दीपकों से महाआरती की

उज्जैन। श्री श्रेयांशनाथ राजेंद्र सूरि जैन ज्ञानमंदिर नयापुरा में बुधवार को वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव मनाया गया। चल समारोह निकला तथा 108 दीपकों से महाआरती की गई। श्री गौतम स्वामीजी को चांदी का छत्र अर्पित किया गया। मंदिर में आकर्षक सज्जा की गई।

त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ नयापुरा के प्रचारमंत्री राजेंद्र पगारिया एवं राजेंद्र पटवा ने बताया कि मुख्य ध्वजा सुशीलकुमार गिरिया परिवार द्वारा चढ़ाई गई। गणधर गौतम स्वामी की कायमी ध्वजा तथा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर की कायमी ध्वजा भी चढ़ाई गई। ध्वजारोहण पश्चात विधिकारक अरविंद चौरड़िया द्वारा विधान एवं सत्तर भेदी पूजा पढ़ाई गई। प्रभावना एवं अंगरचना व 108 दीपक की महाआरती का लाभ गिरिया परिवर द्वारा लिया गया। इस अवसर पर श्री गौतम स्वामी को चांदी का छत्र अर्पित किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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