उज्जैन। Solar Eclipse 2019 पौषी अमावस्या पर 26 दिसंबर को वर्ष 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण रहेगा। कंकण आकृति वाला सूर्यग्रहण सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण का मध्यकाल सुबह 9.26 तथा मोक्ष सुबह 10.58 बजे होगा। ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 50 मिनट की रहेगी। यह समय मंदिरों में आरती-पूजन का है। धर्मशास्त्रीय मान्यता अनुसार ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श निषेध रहता है। ऐसे में मंदिरों में पूजन आरती के समय में बदलाव होगा। मंदिर प्रशासन पुजारियों के साथ बैठक कर एक दो दिन में निर्णय लेगा।

कहां-क्या स्थिति

महाकाल मंदिर : दो आरती का समय बदलेगा

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में इन दिनों सुबह 7.30 से 8.15 तक द्दयोदक व सुबह 10.30 बजे से भोग आरती हो रही है। अमास्वया पर ग्रहण का स्पर्श सुबह 8.08 बजे से हो रहा है, ऐसे में दोनों आरती को लेकर संशय की स्थिति है। पीआरओ गौरी जोशी ने बताया अभी शासकीय पुजारी की ओर से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। एक दो दिन में पत्र मिलने पर भक्तों को आरती के समय की जानकारी दी जाएगी।

मंगलनाथ : भातपूजा को लेकर होगा निर्णय

मंगलनाथ मंदिर में अमावस्या पर मंगला आरती तथा भातपूजा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मंदिर प्रशासक नरेंद्रसिंह राठौर ने बताया हालांकि सुबह मंगला आरती होगी या नहीं तथा भातपूजा की शुरुआत कितनी बजे से होगी, इसको लेकर पुजारियों से चर्चा के बाद ही निर्णय होगा।

सांदीपनि आश्रम : सुबह 11 बजे खुलेंगे मंदिर के पट

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में ग्रहण काल में मंदिर के पट बंद रहेंगे। पुजारी पं.रूपम् व्यास ने बताया 25 दिसंबर को शयन आरती के बाद पट बंद होंगे। इसके बाद अगले दिन ग्रहण मोक्ष के बाद सुबह 11 बजे पट खोले जाएंगे। मंदिर को धोकर शुद्ध किया जाएगा। भगवान को भी शुद्धि स्नान कराने के बाद पूजन आरती होगी। भक्तों को दोपहर 12.30 बजे के बाद मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey

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