उज्जैन। महाकाल मंदिर प्रशासन ने भस्मारती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय शुरू कर दिए हैं। मंदिर के बाहर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिस पर भस्मारती निशुल्क होने की जानकारी अंकित है। साथ ही यह भी लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति भस्मारती अनुमति दिलाने के लिए पैसों की मांग करता है तो इन नबंरो पर सूचना दें।

दो दिन पहले यूपी से आए दो श्रद्धालु भस्मारती दर्शन के लिए बिना अनुमति प्रवेश कर गए थे। भस्मारती प्रभारी अनुराग चौबे ने इन श्रद्धालुओं को नंदी हॉल में पकड़ा था। श्रद्धालुओं ने बिना अनुमति मंदिर में प्रवेश कराने के लिए होमगार्ड के जवानों पर 2000 रुपए लेने के आरोप लगाए थे।

मामले में मंदिर व पुलिस प्रशासन की छवि खराब हुई। इसके बाद कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देश दिए थे। इसी के परिपालन में मंदिर प्रशासन ने ताबड़तोब सूचना बोर्ड लगवाए।

हालांकि इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इसलिए सूचना हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में प्रसारित होना थी। तत्कालीन कलेक्टर संकेत भोंडवे ने देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लड्डू प्रसाद के पैकेट पर हिंदी, अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में जानकारी उल्लेखित कराई थी।