नागदा जंक्शन। महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास उन्नायन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रासिम उद्योग द्वारा आदित्य बिरला बहुउद्देश्यीय प्रशिक्षण केंद्र ग्राम बेरछा पर लेबरनेट संस्था के सहयोग से असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट प्रशिक्षण का शुभारंभ उद्योग के जनसंपर्क अधिकारी संजय व्यास व निर्वाचित जनपद सदस्य प्रतिनिधि अनिल शर्मा के आतिथ्य में हुआ। अधिकारी व्यास ने कहा कि केंद्र को प्रारंभ करने का उद्देश्य युवतियों को आत्मनिर्भर बनाना है। ग्रेसिम सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के महाप्रबंधक ने कहा कि उद्योग के इकाई प्रमुख के सुरेश के नेतृत्व एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर कुमारसिंह के मार्गदर्शन में विभाग क्षेत्र के विकास कार्यों को करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।

कांग्रेस में असंतोष, विधायक का विरोध

नागदा जंक्शन। नपा चुनाव में पार्षदों के टिकट वितरण के बाद भाजपा में उभरी गुटबाजी के बाद 36 में से 22 सीट पर कब्जा होने के बाद कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सड़क पर आ गई है। जिला कार्यकारी अध्यक्ष से लेकर कई पदाधिकारी को हार का मुंह वरिष्ठ नेता के कारण देखना पड़ा था। इनमें से कई नेताओं ने खुलकर विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। एक कांग्रेस पार्षद ने तो कांग्रेस अध्यक्ष से कह दिया कि जितनी मेहनत अभी फोन लगाने में कर रहे हैं, उतनी चुनाव में कर लेते तो कांग्रेस की परिषद बन जाती।

ढाई वर्ष से अधिक नपा की कमान अधिकारियों के हाथ में होने से सारे काम ठप होने, कई अनियमितताएं उजागर कर भाजपा नेताओं के इशारे पर अधिकारियों द्वारा कार्य किए जाने का कांग्रेस ने माहौल बना दिया था। विधानसभा चुनाव के बाद से ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की खुलकर गुटबाजी को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नपा चुनाव के दौरान भारी उत्साह दिखाई दे रहा था। पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद भाजपा में घमासान मच गया था। चुनाव के एक सप्ताह पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद एक-दो को छोड़कर वरिष्ठ नेताओं ने सभी को मना लिया था। परिणामस्वरूप 36 में से 22 सीटों पर भाजपा का परचम लहराकर नपा में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व परिषद बनाने की राह आसान कर दी। अब कांग्रेस में खुलकर गुटबाजी सड़क पर आने लगी है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि टिकट वितरण से लेकर चुनाव लड़ने तक की कमान विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के हाथ में थी। उनके अनुसार ही पार्षदों के टिकट वितरण हुए थे। इसमें कुछ कांग्रेस के पदाधिकारी, जो जीतने की स्थिति में थे, उनको टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने बगावत की जिससे कांग्रेस के जीते हुए प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। कुछ कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में कांग्रेस के नेताओं के ध्यान नहीं देने के कारण वह जीत नहीं पाए।

कांग्रेस के लिए जो जी जान से काम करते हैं, ऐसे कांग्रेस के दूसरी पंक्ति के नेता जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज राठी, मंडलम अध्यक्ष अजय शर्मा की हार का जिम्मेदार भी कांग्रेस के मुखिया को माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के दावेदार वार्ड के चुनाव में लाखों रुपये खर्चा कर पार्षद तो बन गए पर बहुमत नहीं आने के कारण उनका भी सपना पूरा नही हो पा रहा है। वह भी दबी जुबान से विधायक पर आरोप लगा रहे हैं कि मंडी क्षेत्र में उनके द्वारा ध्यान नहीं देने के कारण बहुमत नहीं आ पाया है। मंडी क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 1, 5, 11, 13, 19, 22, 24 में जीतने वाले प्रत्याशियों की अनदेखी की गई। यह भी एक बड़ा कारण सामने आ रहा है। इस संबंध में विधायक दिलीपसिंह गुर्जर से मोबाइल पर चर्चा करने का प्रयास किया, उन्होंने मोबाइल अटैंड नहीं किया।

नपा खाचरौद, जनपद पर कब्जा, शहर में अनदेखी

विधायक गुर्जर ने जनपद व खाचरौद नपा चुनाव में कड़ी मेहनत कर 17 वर्षों बाद जनपद पंचायत पर कांग्रेस का कब्जा करा दिया। नपा में भी बहुमत कांग्रेस का है। विधानसभा क्षेत्र का लगभग 77 हजार से अधिक मतदाता वाले शहर के नपा चुनाव में टिकट वितरण से लेकर चुनाव में प्रत्याशियों को जिताने में मेहनत नहीं करने के आरोप कांग्रेस के कार्यकर्ता व नेता लगाकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसका परिणाम विधानसभा में भुगतना पड़ सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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