नागदा जंक्शन। पानी की खेंच के कारण उमस भरी गर्मी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार की रात व शनिवार की दोपहर में हुई झमाझम पौने दो इंच वर्षा से कुछ ठंडक घुली। फसलों के लिए भी वरदान साबित हुई है। अभी तक लगभग 26.12 इंच बरसात हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दो इंच वर्षा कम हुई है।

बरसात की खेंच के चलते पिछले 10 दिनों से उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। फसलों को भी पानी की आवश्यकता लगने लगी थी। शुक्रवार की रात व शनिवार की दोपहर 2 से 3 बजे तक हुई झमाझम से शहर तरबतर हो गया। नालियों का पानी

सड़कों पर भर गया। वर्षा बंद होने के बाद कुछ देर बाद कड़ाके की धूप निकली, जिससे ऐसा नहीं लग रहा था कि कुछ देर पहले झमाझम बरसात हुई है।

फसलों को भी फायदा हुआ

शुक्रवार व शनिवार को 37 एमएम यानी पौने दो इंच वर्षा दर्ज की गई। अभी तक 26.12 एमएम बरसात हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग दो इंच बारिश कम हुई है। झमाझम हुई बारिश से फसलों को भी फायदा हुआ है। किसानों के चेहरों पर चिंता की जो लकीरें थी वो मिट गई है।

पशु चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं

कायथा। कायथा में पशु चिकित्सालय में चिकित्सक के अभाव में बीमार पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है। पशु चिकित्सालय केंद्र में ताले लगे होने से ग्रामीणों को तराना जाकर निजी चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ रहा है। कायथा, सुमरखेड़ा, भटुनि, कनारदी व तराना में चिकित्सालय पर कई दिनों से चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। जिला चिकित्सालय अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि कार्यालय से कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन नई नियुक्तियां नहीं हो रही है। इस कारण यह स्थिति बन रही है। कब तक ऐसा रहेगा, इस बारे में कहा नहीं जा सकता।

बरसात में हो रही गंभीर बीमारियां

वर्षा के मौसम में जानवरों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। उनकी स्थिति जानलेवा हो रही है। गांव मोलगा निवासी व काठबड़ौदा के सचिव शेर सिंह जादौन के भाई की दुधारू भैंस जंगल गई हुई थी। जंगल में जहरीली झाड़ी या जानवर के काट लेने के कारण उसकी मौत हो गई। ऐसे में चिकित्सक नहीं होने के कारण इलाज नहीं मिल पाया और न ही उसका पीएम हो पाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close