उज्जैन। सालों बाद दीपावली से पहले खरीदी का महामुहूर्त पुष्य दो दिन रहेगा। 21 अक्टूबर को सोमवार के दिन शाम 5.35 से पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा, जो अगले दिन मंगलवार को शाम 4.45 बजे तक रहेगा। खास बात यह है कि पुष्य नक्षत्र के साथ दोनों दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग भी है। विशेष यह भी है कि मंगलवार के दिन मंगल पुष्य नक्षत्र के महासंयोग में मंगल का उदय हो रहा है। ऐसे में यह दिन भूमि, भवन, वाहन व खड़ी फसल के सौदों के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। मंगल के उदय का शुभफल केवल खरीदी पर ही नहीं पड़ेगा बल्कि इसका प्रभाव विभिन्न् राशियों पर भी नजर आएगा। इससे जातकों को कार्य में सिद्धि, धन की प्राप्ति तथा सफलता मिलेगी।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार 21 अक्टूबर को अहोई अष्टमी (काली पूजा) पर सोमवार को शाम 5.35 पर पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा, जो अगले दिन मंगलवार को शाम 4.45 बजे तक रहेगा। 23 घंटे का पुष्य नक्षत्र प्रभावकारी है। क्योंकि नक्षत्र के आरंभ से लेकर समाप्ति तक सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। मंगल पुष्य के साथ मंगलवार को मंगल का उदय हो रहा है। इस प्रकार नक्षत्र जनित योगों का विशेष प्रभाव रियल स्टेट, पेट्रोकेमिकल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एग्रिकल्चर, बैंकिंग, इंश्योरेंस आदि सेक्टरों पर रहेगा। इन क्षेत्रों के व्यवसाय में तेजी आएगी। साथ ही कीमती धातुओं के बाजार में भी संतुलन की स्थिति बनेगी।

दो दिन चार ग्रहों का प्रभाव चमकाएगा बाजार

पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि तथा उप स्वामी बृहस्पति हैं। इस नक्षत्र का प्रभाव शनि तथा बृहस्पति से जुड़े क्षेत्रों पर दिखाई देगा। सोमवार व मंगलवार को यह नक्षत्र होने से चंद्र तथा मंगल का क्षेत्र में भी उठाव आएगा। अर्थात बाजार में तेजी नजर आएगी। फसलों की स्थिति मूल्य वृद्धि का संकेत देगी।

Posted By: Prashant Pandey