उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि), Ujjain Car Accident। बड़नगर रोड पर ग्राम खड़ौतिया में गंभीर नदी पर बने पुल से कार नीचे गिरने की सूचना के बाद करीब चार घंटे तक रेस्क्यू चलाया गया। नदी से कार निकलने और उसमें एक युवती और युवक का शव मिलने के बाद पुलिस को यह भी पता लगा कि युवती का पति भी कार में था। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। देर शाम तक पता नहीं लगने और अंधेरा छाने के बाद तलाश रोकना पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को फिर से तलाशी शुरू होगी। डीएसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि सुबह करीब 8: 30 बजे होमगार्ड जवान का रिश्तेदार पुल से गुजर रहा था। उसने पुल की रेलिंग टूटी देखी और पुल पर और नदी में भी आइल फैला देखा। इसके आधार पर उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वहीं नदी में मछली पालने वाले ग्रामीण भी डोंगी लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस की मदद की।

गोताखोर लियाकत ने चुंबक लेकर नदी में गोता लगाया। इसके बाद पता लगा कि कार नदी में किस जगह गिरी है। क्रेन की मदद से कार को निकाला गया। वाहन करीब 35 फीट गहरी नदी में पड़ा हुआ था। रात को उज्जैन पहुंचा भाई अभय हादसे में मृत अनुराग व लापता अविनाश तिवारी का भाई अभय तिवारी रविवार शाम को उज्जैन पहुंचा। अभय ने पुलिस को बताया कि उसकी शनिवार रात 11.26 को आखिरी बार बात हुई थी। उसके बाद वह सो गया था। सुबह करीब 5 बजे उसकी नींद खुली तो उसने भाइयों को फोन लगाया, मगर उनके फोन बंद आ रहे थे। इसके बाद प्रियंका को फोन किया तो उसका फोन भी बंद आ रहा था। इस पर वह बेचैन हो गया। उसके अपने परिचित आइपीएस अधिकारी को इसकी सूचना दी। तीनों के मोबाइल की लोकेशन उज्जैन के समीप इंगोरिया रोड पर आ रही थी।

गुजरात के वापी में नौकरी करने जा रहा था अविनाश अभय ने बताया कि अविनाश पूर्व में बेंगलुरु में नौकरी करता था। करीब एक माह पूर्व ही उसका स्थानांतरण गुजरात के वापी में हो गया था। उसे वहां ज्वाइन करना था। अभय से मिलने के बाद वह वापी जाता। वापी जाने के लिए ही अविनाश व प्रियंका अपने साथ काफी सारा सामान 6 बैग में भरकर ले जा रहे थे। अभय ने बताया कि सबसे छोटा भाई अनुराग पिताजी के साथ गांव में ही खेतीबाड़ी व कामकाज संभालता था।

कानपुर से निकले थे

अभय ने बताया कि अविनाश का ससुराल कानपुर में है। दो माह पूर्व ही कानपुर से ही कार खरीदी थी। उसमें बैठकर ही वह गुजरात जाने के लिए बिहार के सिवान जिले के सिरसिया गांव से निकले थे। दो दिनों तक अविनाश, प्रियंका और अनुराग कानपुर में रुके थे। वहां से शनिवार सुबह करीब 10 बजे वडोदरा के लिए निकले थे।

Posted By: Prashant Pandey

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