एफएल 2 पर

- पढ़ाने से पहले मांगा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट

- कालेज गेट तक सारे नियमों का पालन हुआ, भीतर नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए विद्यार्थी

15 यूजेजे 15--शासकीय माधव कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में प्रोफेसर डा. नीलिमा वर्मा की क्लास में एक ही छात्रा पढ़ने आई थी, उसे भी पढ़ाया गया।

15 यूजेजे 18- शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को पढ़ाती प्राचार्य डा. वंदना गुप्ता।

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्वविद्यालय एवं कालेजों में बुधवार से भौतिक उपस्थिति के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो गई। नईदुनिया ने शहर के प्रमुख शासकीय कालेजों में विद्यार्थियों के प्रवेश और पढ़ाई की स्थिति को टटोला। देखने में आया कि हर क्लास के दो-पांच विद्यार्थी ही आए थे। सभी के शरीर का तापमान कालेज गेट पर थर्मल मशीन से जांचा गया। उनसे वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और माता-पिता का हस्तलिखित सहमति पत्र मांगा गया। चेहरे पर मास्क पहने रखने की हिदायत दी गई और फिर क्लासरूम में प्रवेश दिया गया। कालेज गेट तक सारे नियमों का पालन हुआ, पर भीतर नियमों की धज्जियां उड़ती रही। विद्यार्थियों ने चेहरे मास्क उताकर जेब में रख लिया और दो गज दूरी का पालन भी नहीं किया। अच्छी बात यह रही कि जिन क्लास में एक विद्यार्थी आया था, उन्हें भी प्रोफेसर ने पढ़ाया। शासकीय माधव कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में प्रोफेसर डा. नीलिमा वर्मा की क्लास में ऐसा ही नजारा था।

10 फीसद से भी कम उपस्थिति

कालेजों में दर्ज छात्र संख्या के अनुपात में 10 फीसद से भी कम उपस्थिति रही। कालेज प्राचार्यों द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को भेजी एक रिपोर्ट के अनुसार शहर के शासकीय कालिदास कन्या कालेज में केवल 128, दशहरा मैदान कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 17, माधव कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में 90, माधव विज्ञान महाविद्यालय में 18 विद्यार्थी ही उपस्थित हुए। विक्रम विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं में भी यही स्थिति रही। जबकि विश्वविद्यालय और इन सब कालेजों में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या 2 हजार से अधिक है। शासन के आदेश थे कि 50 फीसद उपस्थिति के साथ भौतिक रूप से कक्षाओं का संचालन हों, मगर उपस्थिति 10 फीसद भी नहीं रही। कोरोना लहर के बाद इतने लंबे अंतराल के बाद कालेज खुलने पर भी उपस्थिति इतनी कम क्यों रहीं, इसे लेकर काफी चर्चाएं रही।

संस्कृत कालेज में सर्वाधिक उपस्थिति

संस्कृत कालेज में सर्वाधिक उपस्थिति सामने आई है। यहां दर्ज 114 विद्यार्थियों में से 32 विद्यार्थी उपस्थित हुए। खास बात यह रही कि प्रोफेसरों ने आफलाइन के साथ पहले की तरह आनलाइन क्लास भी ली। हालांकि शेड्यूल अब बदला हुआ था।

कुलपति ने अध्ययनशालाओं का किया निरीक्षण

विक्रम विवि के कुलपति प्रो. अखिलेशकुमार पांडेय ने राजनीति विज्ञान अध्ययनशाला सहित विभिन्ना अध्ययनशालाओं का निरीक्षण किया। सभी क्लासरूम में 3-4 विद्यार्थियों की ही उपस्थिति मिली। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने और अपने लक्ष्‌य के प्रति समर्पित भाव से पढ़ाई करने को कहा।

बोले- आनलाइन पढ़ाई में मजा नहीं आता

द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों से प्रोफेसरों ने जब पूछा कि आनलाइन पढ़ाई में क्या परेशानी आती है तो जवाब चौंकानेवाला मिला। कहा कि आनलाइन पढ़ाई करते वक्त कभी आपका चेहरा दिखता था, तो कभी केवल आवाज सुनाई देती थी। काल या मैसेज आ जाए तो कनेक्टिविटी कम हो जाती थी। आनलाइन क्लास में वो मजा नहीं, जो भौतिक उपस्थिति के साथ आफलाइन पढ़ाई करने में है।

कालेजों में खाली है आधी से ज्यादा सीटें

कालेज स्नातक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

कालिदास कन्या महाविद्यालय 437 275

जीडीसी दशहरा मैदान 484 376

माधव कला, वाणिज्य महाविद्यालय 1068 417

माधव विज्ञान महाविद्यालय 616 349

संस्कृत महाविद्यालय 114 .....

(स्रोतः कालेज प्राचार्य।)

Posted By: Nai Dunia News Network

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