उज्जैन। चिंतामन गणेश मंदिर में बुधवार को चैत्र मास की पहली जत्रा लगेगी। दूरदराज से भक्त चिंतामन गणेश के दर्शन करने आएंगे। अल सुबह से देर रात तक दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगेगा। आसपास के गांवों से किसान भगवान को नई फसल चढ़ाने आएंगे। मंदिर में बच्चों का तुला दान भी होगा।

तड़के 4.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद पुजारी भगवान का पंचामृत अभिषेक पूजन कर चोला शृंगार करेंगे। सुबह 8 बजे तक भक्तों को गर्भगृह से चिंतामन गणेश के दर्शन होंगे। इसके बाद भगवान का पूर्ण स्वरूप में शृंगार कर रजत आभूषण धारण कराए जाएंगे।

इसके पश्चात भोग लगाकर आरती की जाएगी। दिन में भीड़ बढ़ने पर आम दर्शनार्थियों का गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। भक्तों को बाहर से भगवान के दर्शन होंगे। इस बार चैत्र मास में चिंतामन गणेश की चार जत्रा रहेगी। गौरतलब है कि मंदिर प्रशासन अब तक श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम नहीं कर पाया है।

ऐसे में दर्शनार्थियों को महापर्व पर परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि मंदिर समिति ने जत्रा को देखते हुए मंदिर में रंगाई-पुताई तथा आकर्षक विद्युत सज्जा अवश्य की है।

आचार संहिता का असर, चैत्र महोत्सव निरस्त

बीते कुछ वर्षों से चिंतामन गणेश मंदिर समिति महाकाल मंदिर की तर्ज पर चैत्र मास में चैत्र उत्सव का आयोजन करती आई है। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते चैत्र महोत्सव निरस्त कर दिया गया है।

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