ujjain Mahakal Corridor: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाकाल कारिडोर का जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशानुसार उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी को अब तक प्रोजेक्ट पूरा करा लेना था, मगर कुछ और वक्त लग रहा है। फिलहाल प्रोजेक्ट स्थल पर दिन-रात निर्माण कार्य जारी है। फैसिलिटी सेंटर की छत पर लाल पत्थर लगाने, कुछ देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना करने को ओटलों पर ग्रेनाइट के पत्थर लगाने, मूर्तियों का रंग-रोगन करने और हरियाली के लिए पेड-पौधे, घास लगाने का काम चल रहा है। यह काम पूर्ण होने में दो सप्ताह से ज्यादा समय लग सकता है।

कारिडोर के उद्घाटन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। एक हजार से अधिक लोगों को सीधे स्थायी रोजगार मिलेगा। घंटेभर में तकरीबन एक लाख श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर आसानी से दर्शन कर पाएंगे। कारिडोर में मंदिर स्थापत्य कला, संस्कृति और आध्यात्मिक भाव के दर्शन कर अच्छा महसूस करेंगे। रुद्रसागर में होने वाले लाइट एंड साउंड शो को देख आनंदित होंगे। मालूम हो कि 11 मई को मुख्यमंत्री ने महाकाल कारिडोर का कार्य 20 मई तक पूर्ण कराने के निर्देश कलेक्टर और उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी को दिए थे। कहा था कि काम गुणवत्ता के साथ हो। मैं शीघ्र ही कार्यों को देखने उज्जैन आऊंगा।

प्रोजेक्ट की मुख्य 10 विशेषताएं

- यह मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका निर्माण 220 करोड़ 40 लाख रुपये से किया गया है।

--महाकाल कारिडोर परियोजना, 700 करोड़ की श्री महाकाल महाराज मंदिर परिसर विस्तार परियोजना का एक भाग है।

- परियोजना को आकार देने के लिए महाकाल मंदिर क्षेत्र को आठ गुना बड़ा किया है। विस्तारित क्षेत्र 2.82 हेक्टेयर से बढ़ाकर 20.23 हेक्टेयर हो गया है।

- परियोजना का काम सात मार्च 2019 को शुरू हुआ था, जो अनुबंध अनुसार गुजरात की फर्म एमपी बाबारिया को छह सितंबर 2020 तक पूर्ण करके दे देना था।

- कारिडोर में मंदिर स्थापत्य कला, संस्कृति और आध्यात्मिक भाव को अभिव्यक्ति देने का पूरा प्रयास किया है।

- 900 मीटर लंबी और 25 फीट ऊंची बनाई लाल पत्थर की दीवारों पर शिवमहापुराण में उल्लेखित घटनाओं को भित्ती चित्र के रूप में उत्कीर्ण किया है।

- कारिडोर के एक तरफ पत्थर और फाइबर रेनफोर्स प्लास्टिक (एफआरपी) से बनीं भगवान शिव सहित अन्य देवी-देवताओं की 190 से अधिक विशाल मूर्तियां स्थापित की गई हैं।

- मंदिर प्रवेश के लिए नया महाकाल द्वार, फेसिलिटी सेंटर, हार-फूल- श्रृंगार की दुकानें, प्रसाद काउंटर, जूता-चप्पल स्टैंड भी कारिडोर बनाया है।

- कारिडोर से लगे रुद्रसागर की सफाई कराकर उसमें नर्मदा-शिप्रा का शुद्ध जल भरा गया है। यहां वैदिक घड़ी भी लगाई जा रही है, जिसका समय ऋग्वेद के अनुसार होगा। चक्र 30 घंटे, 30 मिनट, 30 सेकंड के होंगे।

- महाकाल कारिडोर को देखने के लिए कारिडोर में ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था भी गई है और त्रिवेणी कला संग्रहालय की बाउंड्रीवाल तोड़कर इसे महाकाल कारिडोर से जोड़ दिया गया है।

वर्जन-

महाकाल कारिडोर का काम लगभग पूर्णता की कगार पर है। सफाई और छुट-पुट फिनिशिंग स्तर का काम शेष है तो वह भी जल्द पूरा करवा लिया जाएगा। कारिडोर की सौगात से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लोग ज्यादा दिन यहां रुकेंगे। एक हजार से अधिक लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।

आशीष पाठक, सीईओ, उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close