उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाकाल मंदिर के सामने स्थित 11 भवनों के अधिग्रहण की कार्रवाई रुक गई है। मंदिर के आसपास अधिग्रहण के लिए चिन्हित अन्य भवन एवं जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई में भी विलंब हो रहा है। जबकि बीते तीन महीने में दो बार कलेक्टर आशीष सिंह एसडीएम को सप्ताहभर में भवनों का अधिग्रहण करने के निर्देश दे चुके हैं। पिछली समीक्षा बैठक में एक अफसर ने कार्रवाई में विलंब की वजह मुआवजे के लिए प्राप्त 13 दावे-आपत्तियों का निराकरण नहीं होना और तहसीलदार का प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होना बताई थी।

मालूम हो कि 10 महीने पहले राजस्व अमले ने महाकाल मंदिर के सामने के 11 भवनों को अधिग्रहित करने के लिए सर्वे रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी थी। रिपोर्ट में सांई फाउंडेशन, जीवी रांगणेकर, आधार गंधे, विकास गंधे, सुशील टीकेकर, विशाल राव, आशीष चंद्रशेखर शर्मा, श्रीधर, अरविंद, निशिकांत गणेश परचुरे परिवार और तेलंग परिवार के मकान की जानकारी दी गई थी। लोक निर्माण विभाग ने मुआवजा राशि तय की थी। बीच में कोरोना की दूसरी लहर तेज होने पर लाकडाउन लगने से कार्रवाई ठंडी पड़ गई। शहर अनलाक हुआ तो 15 जुलाई 2021 को बृहस्पति भवन में हुई बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने महाकाल मंदिर के सामने के मकान के संबंध में अवार्ड राशि सात दिन में पारित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 17 अगस्त को बैठक में भी यही निर्देश दोहराए थे।

जून में जारी किया था धारा 21 का नोटिस

भवन-भूमि के अधिग्रहण के लिए सभी मकान मालिकों को धारा 21 का नोटिस जारी किया गया था। नपती और मुआवजे को लेकर जो भी आपत्ति थी उसका जवाब भवन मालिक को 30 दिन में देना था। 13 आपत्तियां राजस्व विभाग को प्राप्त हुईं थीं। कायदे से दो महीने पहले ही इन आपत्तियों का निराकरण करके मुआवजा राशि प्रदान कर जमीन का अधिग्रहण कर लिया जाना था।

कुल 223 परिवारों की अचल संपत्ति का अधिग्रहण होगा

महाकाल मंदिर परिसर के विस्तार एवं सुंदरीकरण के लिए 145 परिवारों की अचल संपत्ति यानी जमीन, मकानों का अधिग्रहण किया जाना है। बदले में राज्य शासन की ओर से मकान मालिकों को मुआवजा स्वरूप करीब 128 करोड़ रुपये का भुगतान होना है। मुख्यमंत्री ने सभामंडप से 70 मीटर क्षेत्र का भूअर्जन करने की स्वीकृति दी है। पहले चरण में मंदिर के सामने वाले हिस्से के 11 मकानों का अधिग्रहण करने की कार्रवाई की जाना है। जिन मकानों और दुकानों का शासन स्तर पर अधिग्रहण किया जाना है उनकी लंबाई 50 फीट और इससे अधिक है। जानकारी के मुताबिक 11 भवनों के अधिग्रहण के बाद महाकाल मंदिर से महाराजवाड़ा के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए 6 परिवारों की जमीन ली जाएगी। दूसरे चरण में महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहे तक चौड़ीकरण हेतु 70 परिवारों की जमीन ली जाएगी। तीसरे चरण में सरस्वती शिशु मंदिर के समानांतर मार्ग चौड़ीकरण के लिए 20 परिवारों के मकान आ रहे हैं। चौथे चरण में बड़ा गणेश मंदिर से लेकर 24 खंबा माता मंदिर तक चौड़ीकरण के लिए 12 परिवारों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

शिखर दर्शन के लिए लान-गार्डन

मंदिर के सामने के हिस्से हटाए जाने के बाद दूर से ही महाकाल मंदिर के शिखर दर्शन आसानी से होंगे। विकास कार्य अंतर्गत भवन हटाए जाने के बाद यहां 24 मीटर चौड़ा रोड़ हो जाएगा। ये क्षेत्र महाकाल वन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा जहां, लैंडस्केपिंग कर उद्यान बनाया जाएगा। महाकाल क्षेत्र विकास का पूरा प्रोजेक्ट पूरा होने पर महाकाल मंदिर में दर्शन और अधिक सुलभ होंगे।

महाकाल मंदिर के सामने के 11 मकानों के अधिग्रहण की कार्रवाई अंतिम चरण में है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही अवार्ड पारित कर अधिग्रहित क्षेत्र को तोड़कर जगह को समतल किया जाएगा।

-संजीव साहू, एसडीएम

Posted By: Nai Dunia News Network

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