उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 11 सितंबर से 100 रुपये शुल्क के साथ शुरू हुई प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है। बुधवार को एक पुलिस जवान ने बिना शुल्क जमा किए छह लोगों को अनाधिकृत रूप से प्रवेश कराने का प्रयास किया। इस पर वीआइपी गेट पर तैनात मंदिर कर्मचारी व पुलिस जवान के बीच विवाद हुआ। मामले की शिकायत आला अफसरों तक पहुंची है। बताया जाता है अधिकारियों ने घटना के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए हैं। पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है जब से प्रोटोकाल दर्शन के लिए 100 रुपये शुल्क लगाया गया है, आए दिन विवाद हो रहे हैं। रसूखदार बिना शुल्क चुकाए अपने लोगों को दर्शन कराने के लिए गेट पर तैनात कर्मचारियों से विवाद कर रहे हैं। बुधवार को भी एक पुलिस जवान छह लोगों को लेकर आया और बिना शुल्क जमा कराए उन्हें भीतर ले जाने के लिए दबाव बनाने लगा। गेट पर तैनात कर्मचारी ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश कराने से मना कर दिया। इस पर जवान विवाद करने लगा, काफी देर तक हंगामें की स्थिति निर्मित हुई। कर्मचारियों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की। सूत्र बताते हैं बाद में पुलिस व मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने घटना के फुटेज भी निकलवाए हैं। इन्हें देखकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

काउंटर पर बंद, गेट पर रसीद काट रहे कर्मचारी

प्रबंध समिति ने सशुल्क दर्शन की जो नई व्यवस्था शुरू की है, मंदिर के अधिकारी उसका पालन नहीं करा पा रहे हैं। अब तक रसीद काउंटर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मंदिर के समीप सोमवार सुबह शुरू हुआ रसीद काउंटर शाम तक बंद हो गया। काउंटर में बैठने वाले कर्मचारी प्रवेश द्वार पर रसीद कट्टा लेकर बैठ गए। मानीटरिंग के अभाव में यह भी तय नहीं हो पा रहा है कि कर्मचारी शतप्रतिशत रसीद काट रहे हैं या नहीं।

3 रसीद पर 6 को प्रवेश

सूत्र बताते हैं गेट पर तैनात कर्मचारी मनमाने निर्णय ले रहे हैं। अधिकारियों की बगैर स्वीकृति के दो की रसीद पर चार तथा तीन की रसीद पर छह लोगों को प्रवेश कराया जा रहा है। इससे समिति को काफी नुकसान हो रहा है। पहले 250 रुपये की 2 रसीद पर चार लोगों को प्रवेश दिया जाता था। लेकिन अब 100 रुपये की 2 रसीद पर चार लोग प्रवेश कर रहे हैं। इससे समिति को 300 रुपये का घाटा हो रहा है।

प्रोटोकाल दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये शुल्क देना अनिवार्य है। बिना शुल्क चुकाए या एक रसीद पर दो लोगों को प्रवेश देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

- पूर्णिमा सिंगी, सहायक प्रशासक व दर्शन व्यवस्था प्रभारी अधिकारी

सीसीटीवी फुटेज देखकर मामले की पड़ताल की गई है। प्रथम दृष्टया मामला गफलतफहमी का लगता है। पुलिस जवान के हाथ में दर्शन टिकट दिखाई दे रहे हैं। गेट पर तैनात कर्मचारी को लगा कि जवान बिना टिकट परिवार को भीतर प्रवेश करा रहा है। इस पर विवाद हो गया।

- पल्लवी शुक्ला, सीएसपी

Posted By: Nai Dunia News Network

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