उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि), Ujjain Mahakal News। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर स्थित कोटितीर्थ कुंड में बुधवार सुबह मछलियां मरीं मिलीं। दरअसल कुंड के जल को शुद्ध करने के लिए लगाए गए ओजोनेशन और फिल्टर प्लांट कई दिनों से बंद हैं। इस कारण ये स्थिति बनी। मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष कलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की जांच शुरू करवा दी है। बता दें कि करीब तीन साल पहले एक निजी कंपनी ने कोटितीर्थ कुंड के जल को शुद्ध करने के लिए ड्यूल फिल्टर प्लांट लगाया था। तीन साल तक कंपनी ने प्लांट का संचालन किया, तक सब कुछ ठीक चलता रहा। कंपनी ने जब प्लांट का जिम्मा मंदिर समिति को सौंपा तब से एक साल होने को आया यह प्लांट बंद पड़ा है। कर्मचारियों ने बताया मामले की रिपोर्ट अफसरों को महीनों पहले दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कुछ समय पहले मंदिर समिति ने जल को शुद्ध करने के लिए ओजोनेशन प्लांट लगाया है। जब से प्लांट लगा है यह आए दिन खराब रहता है। वर्तमान में भी ओजोनेशन प्लांट की मोटर 12 फरवरी से खराब पड़ी है। ऐसे में कोटितीर्थ के पानी को शुद्ध रखने के समस्त उपक्रम बंद हैं।

21 फरवरी के बाद पीएचई को लिखा पत्र

मंदिर समिति महाशिवरात्रि के पहले प्रतिवर्ष कुंड की सफाई कराती है। इसके लिए पीएचई को पत्र लिखा जाता है। पीएचई के कर्मचारी कुंड की सफाई करते हैं। इस बार लापरवाही के कारण शिवनवरात्रि के दस दिन पहले पीएचई को पत्र लिखा गया। कर्मचारी ने बताया समिति ने 21 फरवरी के बाद पत्र लिखा है। ऐसे में समय पर कुंड की सफाई नहीं हो पाई। अब भी कुंड के मध्य में स्थित कुईया की सफाई तथा कुंड के आसपास चूने की पुताई का काम बाकी है। यह सब काम होगा तब तक महाशिवरात्रि का पर्व समाप्त हो जाएगा।

37 साल से सलाउद्दीन खान संभाले हैं कुंड का जिम्मा

कोटितीर्थ कुंड की सफाई, जल स्तर का मैंटेनेंस तथा फव्वारे आदि के संधारण का जिम्मा बीते 37 साल से पीएचई के कर्मचारी सलाउद्दीन खान संभाल रहे हैं। बकौल सलाउद्दीन कुंड के जल को शुद्ध रखने वाले कुछ प्लांट बंद हैं। कुछ ठीक से काम नहीं करते हैं। इससे पानी की शुद्धता का स्तर बरकरार रखना मुश्किल है। इस बार भी मंदिर समिति ने कुंड की सफाई के लिए 21 फरवरी के बाद पीएचई को पत्र लिखा है। कुंड की सफाई, मैंटेनेंस आदि की रिपोर्ट समय-समय पर मंदिर समिति को दी जाती है। यहां क्या हो रहा है, जिम्मेदारों को इसकी पूरी जानकारी है।

कोटितीर्थ से ही लेते हैं अभिषेक के लिए जल

भगवान महाकाल के अभिषेक पूजन के लिए कोटितीर्थ से ही जल सप्लाय किया जाता है। कोटितीर्थ के पानी को आरओ से फिल्टर कर उपयोग में लिया जाता है। मंदिर समिति ने गर्भगृह के गलियारे में आरओ वाटर का पाइंट लगा रखा है। इसकी सप्लाई सभामंडप के ऊपर रखी आरओ वाटर टंकी से जुड़ी है। कुछ समय से इस टंकी के भी सफाई नहीं हुई है।

मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाई जाएगी। जल्द ही कमियों को दुरुस्त किया जाएगा। - आशीष सिंह, कलेक्टर व अध्यक्ष महाकाल मंदिर प्रबंध समिति

Posted By: Nai Dunia News Network

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