उज्जैन (मप्र)। चार जून को देव दर्शन करने उज्जैन आए मुख्यमंत्री कमलनाथ के भानजे रतुल पुरी व अन्य परिचितों को कथित 'वीआईपी सुविधा" दिए जाने को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। मामले में भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा है कि वीआईपी संस्कृति कांग्रेस की है। उधर, कांग्रेस ने भाजपा पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए सफाई दी है कि रतुल और उनके साथ मौजूद लोगों ने हवाई पट्टी, एंबुलेंस से लेकर महाकाल मंदिर प्रवेश के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद कटवाई थी।

गौरतलब है कि चार जून को रतुल पुरी अपनी पत्नी और परिचित कैप्टन अरुण कुमार के साथ उज्जैन देव दर्शन करने आए थे। सभी विशेष विमान से दताना-मताना हवाई पट्टी पर उतरे थे। इसके बाद महाकाल मंदिर में अभिषेक-पूजन के साथ मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा करवाने गए।

इस दौरान उनके साथ एक शासकीय एंबुलेंस, एक डॉक्टर तथा सुरक्षा के लिए पुलिस उपनिरीक्षक थे। रतुल पुरी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं। इसके बावजूद उनको ये सुविधाएं देने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल पड़ी थीं। बाद में मामले ने सियासी रंग भी ले लिया।

बता दें कि राजकीय अतिथियों को प्रोटोकॉल के तहत ऐसी सुविधाएं सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि एंबुलेंस व शासकीय डॉक्टर की सुविधा आम व्यक्ति भी निश्चित राशि के भुगतान के बाद रोगी कल्याण समिति में आवेदन कर प्राप्त कर सकता है।

हवाई पट्टी, एंबुलेंस, मंदिर में प्रवेश के लिए भुगतान किया

मामले में कांग्रेस की ओर से स्पष्टीकरण भी आया है। शहर कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने बताया कि रतुल पुरी और उनके साथ मौजूद परिचितों के लिए हर तरह की औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। हवाई पट्टी के उपयोग के लिए लोक निर्माण विभाग में पांच हजार रुपए, एंबुलेंस के लिए रोगी कल्याण समिति में एक हजार रुपए और मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए तय राशि की रसीद कटवाई गई थी। इसके बाद इन सुविधाओं का उपयोग किया गया।

इसके साथ ही सुरक्षा के लिए एसपी को आवेदन भी दिया गया था। गुप्ता ने रसीद की कॉपी मीडिया को भी उपलब्ध कराई है। गुप्ता ने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। इधर एडिशनल एसपी प्रमोद सोनकर ने बताया कि रतुल पुरी की सुरक्षा के लिए दो दिन पूर्व आवेदन प्राप्त हुआ था। इस पर एक सब इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी।

भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

इस पूरे मामले में भाजपा ने कांग्रेस को घेरा है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से वीआईपी संस्कृति खत्म कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया है। वीआईपी संस्कृति कांग्रेस की है।

Posted By: Hemant Upadhyay