उज्जैन, नईदुनिया प्रतिनिधि। मानवासा स्थित शासकीय मूक-बधिर आवासीय छात्रावास की 31 में से 14 बालिकाओं की मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। उलटी के अलावा सिर और पेट में दर्द होने पर उन्हें तत्काल अधीक्षिका ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी मिलने पर उज्जैन आए प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा बालिकाओं से मिलने पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि पानी या कुछ गलत खाने में आ जाने से बालिकाएं बीमार हुई हैं। हालांकि इलाज के बाद छात्राओं की सेहत में सुधार है। कलेक्टर शशांक मिश्र ने होस्टल के पानी की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।

तीन दिन पहले ही महानंदानगर छात्रावास में हुई थीं शिफ्ट

अधिक बारिश के कारण मालनवासा स्थित विद्यालय में पानी भराने पर तीन दिन पहले ही सभी 31 बालिकाओं को महानंदानगर स्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पोस्ट मेट्रिक छात्रावास में शिफ्ट किया था। नए छात्रावास में इनके रात को सोने की व्यवस्था पलंग की बजाय जमीन पर की गई है। छात्रावास अधीक्षिका संध्या शर्मा का कहना है कि पीने का पानी बदला है। संभवत: इसीलिए इनकी तबियत बिगड़ी है। फूड पाइजनिंग होती तो सबको समस्या होती। शेष 17 बालिकाएं तो स्वस्थ ही हैं।

मंत्री के साथ पहुंचे 40 लोग

सभी 14 बीमार बालिकाओं को जिला अस्पताल के ईएनटी वार्ड में भर्ती किया था। उनसे मिलने प्रभारी मंत्री आए तो उनके साथ पीछे 150 नेता-कार्यकर्ताओं का काफिला भी आ गया। कुछ को प्रभारी मंत्री ने वार्ड के बाहर रुकवाया था। फिर भी मुलाकात के वक्त वार्ड में 40 से अधिक लोग जमा रहे। बालिकाओं को बेड पर सिरहाने लगाने को तकिया तक अस्पताल प्रशासन मुहैया नहीं करा पाया। दोपहर 12 बजे भर्ती हुई बालिकाओं की जांच रिपोर्ट शाम 5 बजे तक नहीं आई।