उज्जैन। धर्मधानी उज्जयिनी में गुरुवार को सूर्य के उत्तरायन होने का पर्व मकर संक्रांति हर्षोल्लास से मनाया गया। तड़के 4 बजे भस्मारती में पुजारियों ने भगवान महाकाल को तिल से स्नान कराने के बाद लड्डुओं का भोग लगाकर आरती की। पर्व विशेष पर भगवान का सूर्य रूप में श्रृंगार किया गया। संक्रांति पर तीर्थ स्नान व दान का महापुण्य फल प्राप्त होता है। इसी मान्यता के चलते सैकड़ों भक्तों ने मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने तीर्थ पर वैदिक ब्राह्मणों को दक्षिणा दी। गायों को चारा तथा भिक्षुकों को भोजन कराकर वस्त्र, कंबल आदि का दान किया। तीर्थपुरी में धर्म के साथ पतंग उत्सव के रूप में संस्कृति के रंग भी नजर आए। लोगों ने दिनभर जमकर पतंग उड़ाई।

शिप्रा में आस्था का स्नान,दिन में भारी भीड़

मकर संक्रांति पर सैकड़ों भक्तों ने शिप्रा-नर्मदा के जल में पुण्य स्नान किया। पंचागीय गणना के अनुसार सुबह 8 बजकर 14 मिनट पर सूर्यदेव ने धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश किया। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर पुण्य पर्वकाल शुरू हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने शिप्रा स्नान की शुरुआत की। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक स्थानीय के साथ ही दूरदराज से आए सैकड़ों भक्तों में शिप्रा स्नान के बाद तीर्थ पर दान पुण्य किया। अनेक स्थानों पर भिक्षुक भोज के आयोजन भी हुए।

पालकी में सवार होकर निकले ग्रहों के राजा सूर्य

मकर संक्रांति पर इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी संगम से सूर्यदेव की सवारी निकली। ग्रहों के राजा सूर्य ने पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण किया। इससे पहले कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में मंदिर के गर्भगृह में सूर्यदेव की प्रतिमा की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की गई। शंख की मंगल ध्वनि व ढोल ढमाकों से यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। यात्रा में 51 ब्राह्मण व बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। समापन पर सूर्य व शनि के मंत्रों से हवन अनुष्ठान किया गया। पंचग्रही युति योग में आई मकर संक्रांति पर ग्रहों की अनुकूलता के लिए संबंधित ग्रहों के ध्वज की पूजा अर्चना कर अनुष्ठान स्थल पर स्थापित किया गया।

चिंतामन गणेश में धर्म के साथ राष्ट्रीयता के रंग

मकर संक्रांति पर चिंतामन गणेश मंदिर में धर्म के साथ राष्ट्र भक्ति के रंग नजर आए। गर्भगृह में की गई आकर्षक पतंग सज्जा में राष्ट्रीय ध्वज के साथ पीएम मोदी के चित्र वाली पतंग भी लगाई गई थी। सुबह पुजारियों ने भगवान चिंतामन गणेश का अभिषेक पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया। तिल के पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई। बड़ी संख्या में भक्त उमड़े।

मौसम साफ रहा, जमकर उड़ी पतंग

गुरुवार को मौसम की अनुकूलता ने उत्सव के रंग को दोगुना कर दिया था। खिली हुई धूप में मध्यम गति से बह रही हवा में युवाओं ने जमकर पतंग ऊड़ाई। घरों की छत व मैदानों में पतंग उड़ाते युवाओं की टोली सुबह से नजर आने लगी थी। देर शाम तक आकाश रंगबिरंगी पतंगों से पटा नजर आया। युवतियां भी पतंग उड़ाने में पीछे नहीं रही।

शिप्रा का तिलाभिषेक

मकर संक्रांति पर विश्व कल्याण की कामना से मोक्षदायिनी शिप्रा का तिलाभिषेक किया गया। तीर्थ पुरोहित पं.यश जोशी ने बताया मंत्री डॉ.मोहन यादव ने माता शिप्रा को सौभाग्य सामग्री अर्पित कर तिल से अभिषेक किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा युवा इकाई के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिर्विद पं.अमर डब्बावाला, पं.गौरव उपाध्याय, योगेश हाड़ा, विजय दीक्षित आदि मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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