Ujjain News : उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन में महाकाल मंदिर कारिडोर का लोकार्पण करेंगे। सोमवार को उज्जैन आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह जानकारी दी। महाकाल मंदिर विस्तार और सुंदरीकरण के पहले चरण के कार्यों का अवलोकन करने के बाद संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन संबंधी सभी तैयारी की जा रही है। आयोजन उज्जैन में होगा, लेकिन हम योजना बना रहे हैं कि आयोजन से प्रदेश के अन्य शहर और गांव भी जुड़ें। उज्जैन अद्भुत नगर है, इस और आगे ले जाना है।

इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान ने नृसिंह घाट के समीप समन्वय निलयम में ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने लाल पुल से हरसिद्धि तक के मार्ग का नाम स्वामी सत्यमित्रानंद के नाम पर करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि स्वामीजी ज्ञान, भक्ति, कर्म तीनों ही मार्ग के संगम थे। प्रतिमा का निर्माण करने वाले कलाकार नरेश भारद्वाज का सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, स्वामी चिदानंद, कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, डा. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन सहित साधु-संत व अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। स्वामी अवधेशानंद ने लालपुर से हरसिद्धि मार्ग का नाम स्वामी सत्यमित्रानंद के नाम पर किए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री चौहान का आभार माना।

गोल्फ कार्ट में बैठकर किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाकाल विस्तार और सुंदरीकरण योजना के पहले चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। वे गोल्फ कार्ट में भी बैठे। गोल्फ कार्ट कलेक्टर आशीष सिंह चला रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्य संबंधी जानकारी दीं। मुख्यमंत्री ने भी जरूरी दिश- निर्देश दिए।

लालपुर से हरसिद्धि मार्ग स्वामी सत्यमित्रानंद के नाम पर

होटल अथर्व में मुख्यमंत्री ने स्वामीजी के अनुयायियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लालपुर से हरसिद्धि तक के मार्ग का नाम स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के नाम पर करने की घोषणा की।

महाकाल मंदिर कारिडोर का किया अवलोकन

पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की मूर्तियों का ही निर्माण करें - स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि सत्यमित्रानंद महाराज सरलता, विद्वता और सहजता की त्रिवेणी थे। वे इतने महान थे कि जगदगुरु होते हुए भी सब्जी काटते थे। आटा गूंथते थे। अपने साथियों को बड़ी ही सरलता से भोजन भी परोसते थे। अवधेशानंद ने कहा कि जो भी श्रद्धालु महाकाल दर्शन करने आए, वे शिप्रा किनारे पेड़ अवश्य लगाकर जाएं। उन्होंने प्लास्टिक और पीओपी की मूर्तियों का निर्माण बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा- पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की मूर्तियों का निर्माण किया जाए। नवरात्र करीब हैं। ऐसे में देवी मां की मूर्ति मिट्टी की ही बनाई जाए।

मुख्यमंत्री चौहान सुबह साढ़े 11 बजे उज्जैन आए। यहां से वे नृसिंह घाट के समीप स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि समन्वय निलयम् पहुंचे।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां शुरू - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन आएंगे। उनके आगमन को लेकर सभी तैयारियां शुुरू कर दी गई हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र को सजाने के लिए योजना बनी है। यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी बैठकों का दौर चल रहा है।

Posted By: Hemraj Yadav

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