उज्जैन। चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शनार्थियों को 180 से 260 रुपए प्रतिकिलो में लड्डू प्रसादी बेची जा रही है। बाजार में शुद्घ घी के लड्डू 300 रुपए किलो से भी ज्यादा के हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में दुकानदारों द्वारा इतनी कम दर पर कैसे बनाकर बेचे जा रहे हैं, इसकी जांच करने के लिए खाद्य व सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को मंदिर परिसर की दुकानों की प्रसादी की जांच-परख की। दो दुकानों से सैंपल भी लिए गए। मावे के लड्डू में मिलावट की आशंका है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से ही इसका खुलासा होगा। अफसर दर्शनार्थी बनकर मंदिर पहुंचे थे।

महाकाल मंदिर के बाहर अभिषेक के लिए बेचे जाने वाले दूध की जांच के बाद सोमवार को खाद्य व सुरक्षा विभाग की टीम ने चिंतामन मंदिर के बाहर लगने वाली दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदारों में हलचल मच गई। दूकानदारों से पूछताछ में पता चला कि वे शुद्घ घी से बने लड्डू 240 से 260 रुपए प्रति किलो बेच रहे हैं।

वनस्पति घी से बनी प्रसादी 180 से 200 रुपए प्रतिकिलो बेची जा रही है। हालांकि बाजार में इन खाद्य सामग्रियों की कीमतें क्वालिटी के अनुसार ज्यादा हैं, लेकिन मंदिर परिसर वाले दुकानदार घी की जगह शकर का उपयोग अधिक करते हैं। इससे कम दर की प्रसाद से भी उन्हें मुनाफा मिल जाता है। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे खाद्य व सुरक्षा अधिकारी शैलेश गुप्ता व बीडी शर्मा व बीएस देवलिया चिंतामन मंदिर पहुंचे।

पहले भाव पूछे

खाद्य व सुरक्षा अधिकारियों ने पहले सामान्य दर्शनार्थियों की तरह प्रसादी के भाव पूछे और जानकारी ली। बाद में दुकानदारों तक भी यह बात तेजी से पहुंच गई कि खाद्य व सुरक्षा विभाग के अधिकारी आए हुए हैं। अधिकारियों ने महाकालेश्वर मिष्ठान्न भंडार से बूंदी के लड्डू व मां प्रसाद भंडार से मावे से बने मोदक का सैंपल लिया। दुकानदारों से लाइसेंस की भी जानकारी ली और कहा लाइसेंस बाहर प्रदर्शित होना चाहिए जिससे कि श्रद्घालु भी आसानी से देख सकें।