उज्जैन। दीपावली की रात को तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी का निर्वाण हुआ था। दीपावली पर रविवार रात उनकी आराधना कर तड़के श्वेतांबर जैन मंदिरों में निर्वाण लाड़ू चढ़ाए जाएंगे। चूंकि अमावस्या सोमवार को मानी गई है। इसलिए गौतम स्वामी के रास का वाचन व महामांगलिक मंगलवार सुबह होगी। अनुयायी शुक्रवार को धन त्रयोदशी का पूजन करेंगे। इस पूजन के लिए व्यापक तैयारियां कर ली गई हैं। जैन मुनियों का सान्निध्य भी आयोजन में प्राप्त होगा। सागर समुदाय के गच्छाधिपति, आचार्यश्री दौलतसागर सूरिश्वर ने पर्व को इस तरह मनाए जाने के लिए समाजजनों को पत्र लेख कर स्थिति स्पष्ट की है।

श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी खाराकुआं ट्रस्ट के सचिव जयंतीलाल तेलवाला ने बताया कि साध्वीश्री हेमेंद्रश्रीजी, चारुदर्शाश्रीजी के सान्निध्य में धन त्रयोदशी की आराधना शुक्रवार को एवं मां शारदा पूजन रविवार को की जाएगी।

महावीर स्वामी के निर्वाण की आराधना भी इसी दिन होगी तथा सोमवार सुबह 6 बजे मंदिर में निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जाएगा। मंगलवार से नववर्ष शुरू होगा। इस दिन सुबह समाजजन साध्वीजी के मुखारविंद से गौतम स्वामी के रास का वाचन एवं महामांगलिक श्रवण करेंगे।

उधर, दिगंबर जैन समाज के जंबू धवल ने बताया कि 26 अक्टूबर को धन तेरस मनाई जाएगी। धन तेरस पर प्रभु स्थिर श्रेणी में लीन थे। 28 अक्टूबर की सुबह सभी मंदिरों में महावीर स्वामी की पूजा, गौतम स्वामी की पूजा तथा निर्वाण भाषा एवं महावीर स्वामी के अष्टक का पाठ करके निर्वाण लाड़ू समर्पित किया जाएगा। सबसे पहले महावीर तपोभूमि पर उसके बाद सुबह 6 से 7.30 बजे तक चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, श्री नेमीनाथ दिगंबर अतिशय क्षेत्र जयसिंहपुरा सहित अन्य मंदिरों में निर्वाण लाड़ू चढ़ाए जाएंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network