नवाचारः कलेक्टर आशीष सिंह के मार्ग दर्शन में बन रही योजना

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाकाल कारिडोर के रख रखाव के लिए अलग से प्राधिकरण बनाया जाएगा। ये प्राधिकरण कारिडोर में हुए 220 करोड़ रुपये के कार्यों का मेंटेनेंस करेगा। आय बढ़ाने के उपाय करेगा। कलेक्टर आशीष सिंह के मार्ग दर्शन में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण का दायित्व नगर निगम आयुक्त अथवा उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ को सौंपा जा सकता है।

मालूम हो कि 220 करोड़ 42 लाख रुपये से आकार लिया महाकाल कारिडोर प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह 700 करोड़ रुपये की श्री महाकाल महाराज मंदिर परिसर विस्तार परियोजना का एक भाग है, जिसके तहत महाकाल क्षेत्र में मंदिर स्थापत्य कला, संस्कृति और आध्यात्मिक भाव के दर्शन कराने को कई विकास कार्य किए गए हैं। महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश के लिए त्रिवेणी संग्रहालय के पास एक नया भव्य महाकाल प्रवेश द्धार बनाया गया है। यहां से भारत माता मंदिर के पिछले हिस्से तक 25 फीट ऊंची और 920 मीटर लंबी लाल पत्थर की एक दीवार बनाई गई है, जिस पर शिव महापुराण में वर्णित घटनाओं को भित्ती चित्र के माध्यम से उत्तीर्ण किया गया है। हर चित्र का संदर्भ संस्कृत में लिखा गया है। दीवार के सामने पत्थर से बने 108 आकर्षक स्तंभ स्थापित किए हैं। यहीं पत्थर एवं फाइबर रेन फोर्सड् प्लास्टिक से बनीं भगवान शिव सहित 190 देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियां स्थापित की हैं। नव गृह वाटिका में नवग्रहों की मूर्तियां, सप्त ऋषि वन में सप्त ऋषियों की मूर्तियां स्थापित की हैं। फेसिलिटी सेंटर, प्रसाद काउंटर, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर, जूता-चप्पल स्टैंड बनाया गया है। भीतर हार-फूल, पूजन, श्रृंगार सामग्री की दुकानें बनाई गई हैं। पूरे परिसर को रात में स्वर्ण की तरह दमकाने के लिए आकर्षक लाइट लगाई गई है। इनका रख रखाव चुनौती भरा कार्य है। इसलिए प्रशासन इसके लिए अलग से एजेंसी बनाना चाहता है।

रुद्रसागर की सफाई कराई

रुद्रसागर की सफाई कराकर उसमें नर्मदा-शिप्रा का स्वच्छ जल भरा गया है। यहीं वैदिक घड़ी और प्रदूषण डिटेक्टर एवं सूचना बोर्ड लगाने की भी तैयारी है। हरिफाटक ब्रिज उतरकर बेगमबाग के रास्ते महाकाल कोरिडोर जाने के लिए स्मार्ट रोड भी बना लिया गया है। ऐसा रोड जिसके नीचे सीवरेज पाइपलाइनप, स्टाम वाटर पाइपलाइन, टेलीफोन, बिजली की लाइन शिफ्ट कर दी गई हैं। रोड साइड सरफेस पार्किंग प्रस्तावित की है।उल्लेखनीय है कि महाकाल कारिडोर का लोकार्पण अगले माह जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होना प्रस्तावित है। उनके आगमन को लेकर कारिडोर का शेष कार्य तेजी से किया जा रहा है।

काशी विश्वनाथ कारिडोर का माडल अपनाने की तैयारी

स्थानीय प्रशासन काशी विश्वनाथ कारिडोर के मेंटेनेंस का माडल, महाकाल कारिडोर में अपनाने की तैयारी कर रहा है। कहा गया है कि काशी विश्वनाथ कारिडोर में हुए कार्यों की देख रेख के लिए भी प्राधिकरण बनाया गया है। वही व्यवस्था यहां लागू करने की योजना है।

यह होंगे आय के साधन

महाकाल कारिडोर का मेंटेनेंस खर्च निकालने के तीन मुख्य साधन हो सकते हैं। पहला, सरफेस पार्किंग। दूसरा कारिडोर में बनीं दुकानों को किराये पर देने से होने वाली आय। तीसरा, रुद्रसागर में टिकट के जरिये दिखाया जाने वाला लाइट एंड साउंड शो।

प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं

महाकाल मंदिर क्षेत्र में विकास के कई कार्य हो रहे हैं। इनके रख रखाव के लिए अलग से प्राधिकरण बनाया जाएगा। इससे मेंटनेंस का कार्य भी बेहतर तरीके से होगा। प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

आशीष सिंह, कलेक्टर, उज्जैन

Posted By: Nai Dunia News Network

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