हाथी पर सवार मनमहेश के सिंहासन पर भी लहराया तिरंगा

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वतंत्रता दिवस के संयोग में सोमवार को निकली भादौ मास की पहली सवारी में भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर रूप में तिरंगे रंग के फूलों से सजी पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। हाथी पर विराजित भगवान मनमहेश के सिंहासन पर भी तिरंगा लहरा रहा था। सवारी में शामिल श्रद्धालु राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकले।

महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में पूजन के पश्चात शाम चार बजे ठाठ-बाट के साथ अवंतिकानाथ का नगर भ्रमण शुरू हुआ। सवारी के डेढ़ किलोमीटर लंबे कारवां में धर्म के साथ राष्ट्र भक्ति के रंग नजर आ रहे थे। भजन मंडली में शामिल महिलाएं देश भक्ति के गीतों पर नृत्य करते हुए चल रहीं थी। भगवान महाकाल के नगर भ्रमण का उल्लास आजादी के उत्सव के रूप में परिवर्तित हो गया था। सवारी मार्ग पर घरों से पुष्प वर्षा कर राष्ट्र भक्तों का स्वागत किया जाता रहा। महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम शाम बजे मोक्षदायिनी शिप्रा के तट पहुंचा। यहां पुजारियों ने शिप्रा जल से भगवान महाकाल का अभिषेक-पूजन किया। पूजन पश्चात सवारी रामानुजकोट, जगदीश मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम सात बजे पुनः महाकाल मंदिर पहुंची।

22 अगस्त को शाही सवारी

श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारियों के क्रम में 22 अगस्त को शाही सवारी निकलेगी। भक्तों को भगवान महाकाल के छह रूपों में दर्शन होंगे। भगवान महाकाल की शाही सवारी का पारंपरिक मार्ग करीब 7 किलो मीटर लंबा है। इस मार्ग पर करीब 6 घंटे तक भक्ति का उल्लास छाएगा। देशभर से करीब 2 लाख भक्त दर्शन के लिए उमड़ेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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