- किराना व्यापारी संघ ने अवकाश को लेकर बुलाई थी बैठक

- महासंघ के सचिव ने वाट्सअप पर डाल दिया निमंत्रण का संदेश

नागदा जं.। शहर के व्यापारी संघ में राजनीतिक प्रवेश होने के बाद संगठन के दो धड़े हो गए थे। कोरोना काल के चलते प्रशासन की व्यापारियों पर सख्ती को देखते हुए महासंघ का गठन किया गया था। इसमें किराना व्यापारी संघ के महासंघ में शामिल नहीं होने के कारण फिर गुटबाजी उभरकर आ रही है। साप्ताहिक अवकाश को लेकर किराना व्यापारी संघ ने बुलाई बैठक में महासंघ के अध्यक्ष व कुछ पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया। महासंघ के सचिव द्वारा बिना अध्यक्ष की सहमति के महासंघ के वाट्सएप ग्रुप में बैठक का निमंत्रण डालने को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।

पिछले कई वर्षों से व्यापारी संगठन में राजनीतिक प्रवेश होने के कारण संघ दो गुटों में बंट गया। किराना व्यापारी संघ से अलग होकर एक गुट ने नागदा व्यापारी संघ बनाया। दोनों संगठन एक भाजपा तो एक कांग्रेस समर्थित माना जाता है। एक संगठन कोई निर्णय करता है तो दूसरे संगठन द्वारा विरोध किया जाता है। शहर के अधिकतर व्यापारियों ने एक मंच पर आकर महासंघ का गठन किया। इसमें किराना व्यापारी संघ शामिल नहीं हुआ। गुटबाजी के चलते महासंघ के अध्यक्ष, सचिव व अन्य पदाधिकारियों के यहां सैंपलिंग की कार्रवाई हुई। इसके बाद किराना व्यापारी संघ के कुछ पदाधिकारियों के प्रतिष्ठानों पर भी सैंपलिंग की कार्रवाई हुई। इसके बाद संगठनों में और दरार पड़ गई। कुछ दिन पूर्व किराना व्यापारी संघ ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर महासंघ के पदाधिकारियों को छोड़कर अन्य व्यापारी संगठनों को आमंत्रित किया था। इसमें महासंघ के अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों को नहीं बुलाया गया था। महासंघ के सचिव ने बिना अध्यक्ष की जानकारी के महासंघ के वाट्सएप ग्रुप में बैठक का निमंत्रण डाल दिया। इतना ही नहीं वह स्वयं भी बैठक में उपस्थित हुए। इसको लेकर महासंघ में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।

इनका कहना

महासंघ से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमने साप्ताहिक अवकाश के दिन को चुनने के लिए बैठक बुलाई थी। गुमटी रखने को लेकर हुए विवाद से किराना व्यापारी संघ का कोई लेना-देना नहीं है। जिसके घर के सामने गुमटी रखी है वह वरिष्ठ व्यापारी है। जो भी व्यापारी उनके साथ ज्ञापन देने गया था, वह उनके निजी संबंधों के कारण गया था।

-महेंद्र राठौर, अध्यक्ष, किराना व्यापारी संघ, नागदा

किराना व्यापारी संघ महासंघ में नहीं है। हमने प्रयास किया था पर सशर्त संघ में शामिल होने की बात अध्यक्ष ने की थी। वह प्रस्ताव किसी को स्वीकार नहीं था। किराना व्यापारी संघ ने बैठक बुलाई थी। उसमें महासंघ को कोई निमंत्रण नहीं दिया था। सचिव द्वारा महासंघ के वाट्सएप ग्रुप पर निमंत्रण डाला था। उसकी जानकारी मुझे नहीं दी गई। सचिव बैठक में गए थे, इसको लेकर हम चर्चा कर रहे हैं। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

-वीरेंद्र जैन बिंदु, अध्यक्ष, महासंघ नागदा

महासंघ का सचिव जरूर हूं। मैं आम व्यापारी की हैसियत से किराना व्यापारी की बैठक में गया था। मेरा प्रयास है कि शहर के सारे व्यापारी एक हो जाएं, ताकि व्यापारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

रमेश मोहता, सचिव, महासंघ नागदा

Posted By: Nai Dunia News Network

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