उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सप्त सागरों के जीर्णोंद्धार की मांग को लेकर गोवर्धन सागर के तट पर धरना दे रहे साधु संतों से मंगलवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि शिप्रा स्वच्छता व सप्तसागरों के पुनरुद्धार की मांग को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। शिप्रा शुद्धीकरण की स्थाई योजना पर काम चल रहा है। गोवर्धन सागर के जीर्णोद्धार के लिए स्मार्ट सिटी योजन के अंतर्गत 13 करोड़ रुपये की लागत से योजना बना ली गई है लेकिन न्यायालयीन विवादों की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जब भी न्यायालय का आदेश होगा योजना मूर्तरूप लेगी। पुष्कर सागर से अतिक्रमण हटाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि साधु संत व विभिन्ना्‌ संस्थाएं अगर प्राचीन महत्व के गोवर्धन सागर पर श्रमदान की शुरुआत करना चाहते हैं, तो प्रशासन व नगर निगम को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सप्त सागरों को पुर्नजीवित करने के लिए शासन व प्रशासन हर संभव प्रयास करने को तैयार है। हम 1 मार्च तक महाकाल मंदिर के पीछे स्थित बड़े रूद्रसागर को सीवरेज मुक्त कर देंगे। इसके बाद हरसिद्धि मंदिर के सामने स्थित छोटे रूद्रसागर को 1 मई तक पूरी तरह सीवर मुक्त कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने संतों को बताया कि मोक्षदायिनी शिप्रा को सदानीरा व प्रवाहमान बनाने के लिए प्रदेश सरकार स्थाई योजना बना रही है। आने वाले दिनों में इस पर भी काम शुरू होगा।

पांच दिन में हुआ यह सब

-21 जनवरी : रामादल अखाड़ा परिषद ने सप्त सागरों के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर बुधवारिया स्थित विष्णु सागर के तट पर धरना आंदोलन की शुरुआत की।

-22 जनवरी : संतों ने धरना स्थल पर भजन गाए, संतों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कुछ सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी धरने में शामिल हुए।

-23 जनवरी : एडीएम संतोष टैगोर प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पर पहुंचे और संतों से धरना प्रदर्शन समाप्त करने का अनुरोध किया। हालांकि साधु संत नहीं माने और आंदोलन जारी रखने की बात कही।

-24 जनवरी : नगर भाजपा अध्यक्ष विवेक जोशी व विधायक पारस जैन धरना स्थल पर पहुंचे तथा संतों की मांगों के समर्थन में धरना दिया। विधायक ने कहा कि शिवराज सरकार संतों की मांगों को गंभीरता से ले रही है।

-25 जनवरी : कलेक्टर आशीषसिंह ने संतों से मुलाकात कर शासन व प्रशासन की योजनाओं की जानकारी दी तथा पुष्कर सागर के आसपास स्थित अतिक्रमण को हटाने का आश्वासन दिया।

अब यह होगा...

26 जनवरी : रामादल अखाड़ा परिषद् के साधु संत बुधवार दोपहर 12 बजे धरना स्थल पर ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस मनाएंगे।

27 जनवरी : साधु संत व नगर की विभिन्ना्‌ संस्थाएं सुबह 11 बजे से गोवर्धन सागर पर श्रमदान करेंगे। सागर की सफाई के लिए मशीनों का उपयोग भी होगा।

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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सप्त सागरों के विकास व अतिक्रमण मुक्त करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने हरिद्धार से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि कुंभ नगरी उज्जैन की पहचान शिप्रा व सप्त सागरों से है इनका संरक्षण व विकास होना चाहिए। वे स्थिति का जायजा लेने के लिए जल्द ही उज्जैन आएंगे तथा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

महंत ज्ञानदास का अनशन समाप्त...70 दिन बाद ग्रहण किया अन्ना

- कलेक्टर के आश्वासन पर खत्म किया आंदोलन

उज्जैन। शिप्रा स्वच्छता की मांग को लेकर बीते 70 दिनों से अन्ना त्याग कर उपवास कर रहे महंत ज्ञानदासजी ने मंगलवार को कलेक्टर के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि सरकार शिप्रा स्वच्छता को लेकर स्थाई योजना बना रही है। जल्द ही आपको शिप्रा स्वच्छ नजर आएगी। आप अनशन समाप्त कर दिजीए, इसके बाद महंत ने कलेक्टर के हाथों अन्ना ग्रहण किया।

महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने शिप्रा स्वच्छता की मांग को लेकर 16 नवंबर 2021 से अन्ना का त्याग कर रखा था। इस दौरान वे केवल फलाहार कर रहे थे। मंगलवार को गोवर्धन सागर के तट पर साधु संतों के धरना स्थल पर कलेक्टर ने ज्ञानदास महाराज से चर्चा की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि शिप्रा स्वच्छता को लेकर सरकार निर्णायक प्लान तैयार कर रही है। आप अन्ना ग्रहण करें, महंत की स्वीकृति के बाद कलेक्टर ने उन्हें अन्ना ग्रहण कराया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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