Vidyarambh Sanskar: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। धर्मनगरी उज्जैन को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली भी कहा जाता है। यहां सांदीपनि आश्रम में पांच हजार साल पहले भगवान कृष्ण, बलराम और सुदामा विद्या ग्रहण आए थे। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ही तीनों शिष्यों ने गुरु सांदीपनि का आशीष लेकर शास्त्र अध्ययन शुरू किया था। उस समय गुरु ने शिष्यों की पाटी पर श्री सरस्वत्यै नम: लिखकर शिक्षा की शुरुआत कराई थी। तब से यह परंपरा चली आ रही है। इसे पाटी पूजन कहा जाता है। वसंत पंचमी पर बच्चों का पाटी पूजन मंदिर में कराया जाएगा।

Sandipani Ashram Ujjain : श्रीकृष्ण ने 64 दिनों तक ग्रहण की थी शिक्षा

मंदिर के पुजारी पं. रूपम व्यास ने बताया कि मुनि श्रेष्ठ सांदीपनि ने शिक्षा प्रदान करने से पहले भगवान का विद्या आरंभ संस्कार संपन्न कराया था। उल्लेखनीय है कि भगवान कृष्ण ने यहां 64 दिन तक शिक्षा ग्रहण की थी। इस दौरान उन्होंने चार दिन में चार वेद, 16 दिन में 16 पुराण और 64 विभिन्न विद्याएं सीखी थीं। शिक्षा संपन्न होने के बाद मथुरा लौटे थे।

Vasant Panchami 2023 : आज यह कार्यक्रम

गुरुवार को गुरु सांदीपनि, भगवान श्रीकृष्ण व माता सरस्वती की पूजा के उपरांत बच्चों का पाटी पूजन कराया जाएगा। इसके बाद उनके हाथों से श्री गणेशाय नम:, श्री सरस्वत्यै नम: व श्री गुरुवे नम: लिखवाकर शिक्षा की शुरुआत कराई जाएगी। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की पाठशाला में विधि-विधान से विद्या आरंभ करने से विद्यार्थी मेधावी होकर उच्च शिक्षा को प्राप्त करते हैं। वसंत पंचमी पर सुबह भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित जल से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद वसंती पोशाक धारण कराकर वसंत के पीले फूलों से शृंगार किया जाएगा। पश्चात केसरिया भात का भोग लगाकर आरती की जाएगी।

Posted By: Prashant Pandey

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