उज्जैन Vikas Dubey Encounter । मध्य प्रदेश के उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तारी के दौरान वहां मिली लखनऊ की कार को लेकर शुरू हुई छानबीन अब खत्म हो गई है। वह कार इंदिरानगर निवासी अधिवक्ता मनोज यादव की थी। उज्जैन पुलिस ने मनोज से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने मनोज से पूछताछ की।

छानबीन में सामने आया है कि मनोज यादव अपने साथी अधिवक्ता के साथ दो जुलाई को शिवपुरी मध्य प्रदेश के लिए निकले थे। मनोज प्लांटेशन का काम करते हैं। इनकी कंपनी प्रयागराज और वाराणसी में भी काम करती है। काम के सिलसिले में शिवपुरी से वह उज्जैन चले गए थे, जहां लखनऊ नंबर की गाड़ी देख कर मध्य प्रदेश पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

काफी देर तक चली पूछताछ में मनोज व उनके साथी का विकास दुबे से कोई संबंध नहीं निकला। इसके बाद दोनों को उज्जैन पुलिस ने छोड़ दिया। मनोज व उनके साथी के लखनऊ आने के बाद एसटीएफ ने नए सिरे से छानबीन शुरू की, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद राजधानी पुलिस व एसटीएफ ने मनोज व उनके साथी को क्लीन चिट दे दी। मनोज से शनिवार को जब संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं मिला।

Posted By: Sandeep Chourey

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