उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट दो साल बाद बुधवार को फिर हैक कर ली गई। अज्ञात हैकर्स ने वेबसाइट के परीक्षा परिणाम वाले पेज पर दो आंखें दिखाते हुए एक चित्र के साथ अंग्रेजी में डॉन और सऊदी अरब लिखा संदेश छोड़ा। अरबी भाषा में कुछ और भी लिखा, जिसे विवि प्रबंधन नहीं पढ़ सका।

बहरहाल पता लगने पर वेबसाइट प्रभारी विष्णु सक्सेना ने डेढ़ घंटे में वेबसाइट को दुस्र्स्त कर लिया। इधर, कुलपति और कुलसचिव के शहर से बाहर होने के कारण पुलिस या साइबर सेल को शिकायत दर्ज नहीं हो सकी। विवि प्रशासन गुरुवार को इसकी शिकायत दर्ज कराएगा।

बता दें कि 2017 में 15 दिन में पांच बार वेबसाइट हैक हुई थी। 31 जुलाई 2017 को वेबसाइट पर से अफसरों के नाम और नंबर क्रेश हो गए थे। इसके पहले 9 अक्टूबर 2016 को वेबसाइट को हैक कर हैकर्स ने पाकिस्तान जिंदाबाद जैसी बात लिखी थी।

मुख्य पेज पर लिखा था कि आपकी वेबसाइट हमारी हुई। इसके पहले 24 मार्च 2015 को एक बांग्लादेशी ने क्रिकेट मैच में मिली हार से बौखलाकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट हैक कर ली थी, तब भी परीक्षा परिणाम वाले पेज का डेटा क्रैश किया था। मैच में चीटिंग के आरोप लगाए थे। भारतीय टीम के लिए अपशब्द लिखे थे।

विवि ने कहा- और पुख्ता करेंगे वेबसाइट... यही बात पहले भी कही थी

कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने कहा है कि वेबसाइट का सारा डेटा सुरक्षित है। गुस्र्वार को कुलपति और कुलसचिव के आने पर पुलिस को वेबसाइट हैक करने के संबंध में कार्रवाई करने को पत्र भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय वेबसाइट को और पुख्ता बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि भविष्य में कोई इसे हैक न कर सकें। हालांकि वेबसाइट को पुख्ता बनाने की बात विश्वविद्यालय पहले भी कई बार कह चुका है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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