फोन लगाने के बाद भी नहीं पहुंची डायल 100 व 108 एंबुलेंस

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बड़नगर के ग्राम पीर झालार गांव में एक महिला ने रेलवे क्रासिंग पर ही बालिका को जन्म दे दिया। फोन लगाने के बाद भी गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण 108 एंबुलेंस व डायल 100 नहीं पहुंच सकी थी। डिलेवरी के बाद बेटी को दर्द से तड़पता देख पिता ने उसे गोद में उठाया और 100 मीटर तक दौड़ लगा दी। इसके बाद एक लोडिंग वाहन में बेटी व नवजात को अस्पताल पहुंचाया था। जहां से दोनों को उज्जैन के चरक अस्पताल रैफर कर दिया। जहां नवजात की हालत नाजुक बनी हुई है।

बड़नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पीर झालार गांव में रहने वाले राकेश ठाकुर व उसकी पत्नी सावित्री ठाकुर व बेटी पूजा मजदूरी करने के लिए राजस्थान के भीलगांव से आए हैं। पूजा को प्रसूति के लिए लैबर पेन होने पर शुक्रवार सुबह पिता राकेश ठाकुर ने 108 एंबुलेंस व डायल 100 पर फोन किया था।

गांव तक पक्की सड़क नहीं होने व दो दिनों से बरसात होने के कारण आसपास काफी कीचड़ हो गया था। जिससे दोनों वाहन गांव तक नहीं आ सके थे। जिस पर राकेश व गांव के कुछ लोग पूजा को लेकर बड़नगर अस्पताल जा रहे थे। रेलवे क्रासिंग पर पूजा ने बेटी को जन्म दे दिया था। जिसके बाद वह दर्द से तड़प रही थी।

पिता ने दर्द से तड़पती बेटी को गोद में उठाया और दौड लगा दी। रेलवे क्रासिंग के बाद गांव के कमल नामक व्यक्ति ने पूजा व नवजात को लोडिंग वाहन में लेकर बड़नगर अस्पताल पहुंचाया था। जहां से दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद उज्जैन के चरक अस्पताल रैफर कर दिया। यहां पूजा को आइसीयू तथा नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि नवजात की हालत नाजुक है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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