उज्जैन। Chintaman Ganesh Temple ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की तर्ज पर चिंतामन गणेश के आंगन में पौराणिक स्वरूप की आधुनिक यज्ञशाला आकार लेने लगी है। यज्ञ संहिता के आधार पर बनने वाली यज्ञ शाला में हवन कुंडों का शास्त्रोक्त पद्धति से निर्माण किया जाएगा। भगवान चिंतामन गणेश की साक्षी में यज्ञ अनुष्ठान का शुभफल भक्तों को प्राप्त हो, इसके लिए यज्ञशाला का निर्माण मंदिर के गर्भगृह के ठीक सामने किया जा रहा है। मंदिर प्रशासक भगवती शर्मा ने बताया कि आरईएस के माध्यम से करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से मंदिर में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें यज्ञशाला के साथ विश्राम भवन भी बनाया जाएगा। यहां पंडित विवाह आदि मांगलिक कार्य संपन्न् करा सकेंगे। मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति हो, इसके लिए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर पैर धोने के लिए होदी बनाई जा रही है। इसमें सतत जलधारा प्रवाहित होगी। भक्त पैर धोने के बाद ही मंदिर में प्रवेश करेंगे। मंदिर के निर्गम गेट के समीप स्थित सुविधा घर को पीछे की ओर शिफ्ट किया जा रहा है।

पौराणिक महत्व की लक्ष्मण बावड़ी होगी रिचार्ज

चिंतामन गणेश मंदिर में अतिप्राचीन लक्ष्मण बावड़ी है। इसमें वर्षभर पानी भरा रहे इसके लिए नए निर्माण में विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासक शर्मा के अनुसार नवनिर्माण में इस प्रकार की संरचना की जा रही है, ताकि बारिश का पानी बावड़ी में पहुंचे। जलापूर्ति होने के बाद अगर बावड़ी ओवरफ्लो हुई, तो पानी की निकासी की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।

...इधर पंडित को थमाया नोटिस

चिंतामन गणेश मंदिर में देशभर से लोग विवाह कराने आते हैं। मंदिर में बिना तामझाम के सादगी से शादियां कराई जाती हैं। बीते दिनों एक पंडित ने मैरिज गार्डन की तर्ज पर शामियाने आदि लगवाकर विवाह कराया। मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद आला अफसरों ने इस पर संज्ञान लिया और प्रशासक को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासक शर्मा ने बताया मामले में पंडित लखन शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही मंदिर के समस्त पुजारी, पुरोहितों को मंदिर के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने पर मंदिर समिति द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गरीब परिवारों के लिए 1500 रुपए शुल्क

मंदिर समिति ने चिंतामन गणेश मंदिर में विवाह कराने के लिए शासकीय रसीद का शुल्क 4100 रुपए कर दिया है। लेकिन बीपीएल कार्डधारी गरीब परिवारों से मात्र 1500 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। इस राशि में पंचायत से जारी होने वाला विवाह प्रमाण पत्र का शुल्क भी शामिल है। अफसरों ने पुजारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मंदिर में विवाह कराने आने वाले लोगों को मंदिर समिति द्वारा दी जा रही सुविधा की जानकारी दें। इससे गरीब परिवार के लोग लाभान्वित हो सकें।

Posted By: Prashant Pandey