संजय कुमार शर्मा. उमरिया। वाइल्ड लाइफ पर्यटन में अभी तक पुरुष गाइड ही पर्यटकों को बाघों की दहाड़ से परिचित कराते थे। बाघों की कहानियां सुनाने का सारा दमखम अभी तक सिर्फ पुरुष ही दिखा रहे थे, लेकिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब शक्तिस्वरूपा महिलाएं भी बाघों की दहाड़ से पर्यटकों को परिचित कराएंगी, बाघों का इतिहास बताएंगी और बाघों की कहानियां सुनाएंगी। इसक लिए ताला के आसपास के कई गांव की 25 युवतियों ने इस मिथक को नकार दिया है कि बहादुरी सिर्फ पुरूष की ही विशेषता है।

अपनों का अविश्वास

यह काम महिलाओं के लिए बहुत आसान नहीं था। गुडि़या सिंह बतातीं हैं कि उन्होंने जब गाइड बनने की बात अपने घर वालों के सामने रखी तो उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ कि गांव की यह साधारण लड़की बाघों के बीच पर्यटकों को गाइड कर सकेगी। घर के लोगों ने कहा कि वह खेत के काम करे और घर देखे। पर गुडि़या ने यह ठान लिया था कि अपनों का भरोसा अपने काम से जीतेगी और उसने गाइड रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आवेदन दे दिया। इसी तरह के विरोध कई अन्य महिलाओं को भी झेलना पड़ा लेकिन इसके बावजूद महिलाओं ने इस क्षेत्र में दखल दिया और सफल प्रशिक्षण के बाद अब गाइड के रूप में तैयार हैं।

रत्ना सिंह को बनाया प्रेरणा

बांधवगढ़ में प्रशिक्षण के दौरान मध्यप्रदेश की पहली महिला गाइड और अब गाइड प्रशिक्षक के रूप में अपना अलग स्थान बना चुकी रत्ना सिंह का जिक्र कई बार प्रतशिक्षु महिला गाइडों के सामने आया। प्रशिक्षु महिलाओं को रत्ना सिंह के संघर्ष और उनके काम के बारे में बताया गया जिससे महिलाओं का हौसला और भी बढ़ गया। यही कारण है कि इस प्रशिक्षण के बाद गाइड के रूप में सामने आई महिलाओं का कहना है कि उन्हें अपने घर परिवार से इस क्षेत्र में आने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा लेकिन वे पीछे नहीं हटी और महिला गाइड के रूप में अपना कैरियर शुरू कर दिया।

अनुशासन की सुरक्षा

अधिकारियों का मानना है कि गाइड के रूप में महिलाएं ज्यादा सफल होंगी, क्योंकि महिलाओं के बीच अनुशासन ज्यादा सुरक्षित रहता है। बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर राजीव मिश्रा का कहना है कि महिलाओं को जो लोग इस क्षेत्र के लिए कमजोर समझते हैं वे भुलावे में हैं। महिलाएं जंगल के अनुशासन का ज्यादा बेहतर ढंग से पालन करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बात हर कोई मान लेता है जिससे जंगल के अंदर नियमों के भंग होने की संभावना समाप्त हो जाएगी।

महिला पर्यटकों को सुविधा

जंगल के अंदर महिला गाइड साथ होने से महिला पर्यटकों के लिए भी पर्यटन ज्यादा सुविधाजन हो जाएगा। पर्यटकों का टूर नियोजित करने वालीं वंदना द्विवेदी का कहना है कि महिला गाइड होने से पार्क के अंदर किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों में महिला पर्यटक उनसे सभी तरह की बातें शेयर कर सकेंगी। इससे महिलाओं का मनोबल भी जंगल के अंदर बना रहेगा। साथ ही टूर पर आने वाले बच्चों की देखभाल भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

पर्यटन का नया युग

मध्यप्रदेश की पहली महिला गाइड और गाइड प्रशिक्षक रत्ना सिंह का कहना है कि वाइल्ड लाइफ पर्यटन में महिलाओं का गाइड के रूप में सामने आना वाइल्ड लाइफ पर्यटन के नए युग की शुरूआत है। महिलाएं इस काम को ज्यादा बेहतर ढंग से अंजाम दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि वे अब तक कई महिलाओं को प्रशििक्षत कर चुकी हैं और अब तक उनके द्वारा तैयार की गई सभी महिलाओं ने अपने क्षेत्र में बेहतर काम करके दिखाया है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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