उमरिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के चंदिया नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी के बागी प्रत्याशी पुरुषोत्तम कोल ने जीत हासिल कर ली है। वहीं नौरोजाबद नगर परिषद में भाजपा की कुशल बाई ने एक वोट से अपना चुनाव जीत लिया और अध्यक्ष चुनी गईं। उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को चंदिया में मशक्कत नहीं करनी पड़ी और यहां अनुमप चतुर्वेदी निर्विरोध हो गए। नौरोजाबाद में उपाध्यक्ष पद पर नईम बेग को पार्षदों ने चुन लिया। इस तरह सोमवार को दो नगर परिषदों की सरकार बन गई।

कश्मकश भरा चुनाव

चंदिया नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव बड़ा ही कश्मकश पूर्ण रहा। यही कारण है कि यहां का परिणाम भी उसी तरह से आया है और सबसे ज्यादा सात वोट प्राप्त कर पुरुषोत्तम कोल ने यह चुनाव जीत लिया। जबकि भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी मंजू कोल को सिर्फ 4 वोट मिले हैं वही कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब कोल को भी 4 वोट मिले हैं। यहां खास बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को बदलने की मांग संगठन के सामने रखी थी, लेकिन संगठन ने कोई सुनवाई नहीं की जिसका नतीजा निकल कर अब सामने आया है।

भाजपा के सात पार्षद, तीन ने की क्रास वोटिंग

नगर परिषद चंदिया के 15 वार्डों में बीजेपी के 7 पार्षद चुनकर आए थे। भाजपा ने 7 वार्डों पर कब किया था, परन्तु अध्यक्ष के लिए बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी मंजू कोल को महज 4 मतों से ही संतोष करना पड़ा, जो भाजपा संगठन के लिए बड़ा झटका है। स्पष्ट है कि भाजपा के 3 पार्षदों ने क्रास वोटिंग की है। यदि भारतीय जनता पार्टी के संगठन ने अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बदल दिया होता या पहले ही वरिष्ठ जनों की सलाह से प्रत्याशी की घोषणा की होती तो निश्चित तौर पर चनिया नगर परिषद में भाजपा इस तरह के विवाद में नहीं उलझती।

कांग्रेस का वोट बढ़ा

चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने 3 वार्डों पर कब्जा किया था,परन्तु कांग्रेस समर्थित गुलाब कोल को 4 मत मिले है। स्पष्ट है कि कांग्रेस को एक अतिरिक्त वोट मिला है जो निश्चित तौर पर किसी निर्दलीय पार्षद ने दिया है। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस को एक वोट की बढ़त इसलिए मिली क्योंकि भाजपा में गुटबाजी शुरू हो गई थी।

पुरुषोत्तम भी भाजपा पार्षद

नगर परिषद चंदिया में अध्यक्ष के लिए निर्वाचित पुरुषोत्तम कोल भाजपा से ही निर्वाचित पार्षद थे,पर मंजू कोल को अधिकृत प्रत्याशी बनाने के बाद संगठन ने पुरुषोत्तम कोल को अध्यक्ष अभ्यर्थी न बनने के लिए काफी समझाइश दी। परन्तु वो नही माने, और अंततः अपने प्रतिद्वंदियों से बड़े फासले में जीत दर्ज कर इतिहास रच डाला।

निर्विरोध जीते उपाध्यक्ष

नगर परिषद चंदिया में वार्ड 11 से भाजपा समर्थित विजयी पार्षद अनुपम चतुर्वेदी नगर परिषद उपाध्यक्ष के रूप मे निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इनके विरुद्ध कोई भी प्रतिद्वंदी मैदान में नही उतरा।कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा जिसका सीधा फायदा अनुपम चतुर्वेदी को मिला। वर्ष 2014 में हुए निर्वाचन उपरांत भी अनुपम चतुर्वेदी उपाध्यक्ष रह चुके है,फिर से एक बार नगर सरकार में महत्वपूर्ण पद पर काबिज होने में कामयाब हो गए है।

दो गुट में भाजपा

नगर परिषद चंदिया के अध्यक्ष के निर्वाचन में भाजपा खेमा दो गुटों में दिखा। निश्चित रूप से गुटबाजी रूपी दीमक बीजेपी संगठन में भी धीरे-धीरे पैर पसार रहा है,जिसे संगठन के लिए शुभ संकेत नही कहा जा सकता। एक तरफ तो भाजपा के अध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशी को जीतने योग्य वोट नहीं मिले वहीं दूसरी तरफ उपाध्यक्ष निर्विरोध हो गया। इससे चंदिया में बहुत कुछ ध्वनित हो रहा है।

नौरोजाबाद में 1 वोट से भाजपा प्रत्याशी की जीत

नौरोजाबाद नगर परिषद में भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कुशल बाई ने 1 वोट से नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी एवं पूर्व अध्यक्ष रहे सती लाल बैगा को 1 वोट से चुनाव हरा दिया। नोरोजाबाद में भारतीय जनता पार्टी एकजुट नजर आई और यहां पूर्व सांसद एवं मंत्री ज्ञान सिंह तथा विधायक शिवनारायण सिंह का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

निर्दलीय बने किंग मेकर

नौरोजाबाद और चंदिया नगर परिषद में कांग्रेस और भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। यहां निर्दलीयों के सहारे ही परिषद के गठन की रणनीति बनाई गई थी। नौरोजाबाद नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी को 7, कांग्रेस को 5 और 3 वार्ड निर्दलीयों को मिले थे। बहुमत के लिए 8 वोट की आवश्यकता थी जिसमें निर्दलीयों ने अहम भूमिका निभाई। इसी तरह चंदिया नगर परिषद में 7 वार्ड में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी जबकि कांग्रेस ने यहां 3 वार्ड में जीत दर्ज कराई थी और 4 वार्डों से निर्दलीय प्रत्याशी जीत कर आए थे। चंदिया नगर परिषद में भी निर्दलीयों की अहम भूमिका रही।

पहले भी हारीं मंजू कोल

वर्ष 2014 के चुनाव में जब नगर परिषद के अध्यक्ष को जनता सीधे चुनती थी तब भी भाजपा ने मंजू कोल का टिकट दिया था और उस समय भी मंजू कोल अपना चुनाव हार गईं थीं। उस समय भाजपा के सुमन्त माझी ने अपनी पत्नी के लिए टिकट मांगा था और पार्टी ने उन्हें अनदेखा कर दिया था। इसके बाद भाजपा के ही दूसरे गुट ने सरस्वती माझी को निर्दलीय चुनाव लड़वाया और उन्होंने मंजू कोल को अच्छे खासे अंतर से परास्त कर दिया। हालांकि बाद में सरस्वती माझी के जाति प्रमाण पत्र को कोर्ट में चैलेंज कर दिया गया जहां से उनके खिलाफ फैसला आया और उन्हें पद से हटना पड़ा। लेकिन तब तक उनके कार्यकाल का एक लंबा समय बीत चुका था।

उमरिया, मानपुर में कल चुनाव

नगर पालिका परिषद उमरिया और मानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव कल यानी 10 तारीख को होगा। 24 वार्डों वाली परिषद मे कांग्रेस के 14 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। इस लिहाज से उसे पूर्ण बहुमत हांसिल है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक आगामी 10 अगस्त को स्थानीय सामुदायिक भवन मे पार्षदों का प्रथम सम्मिलन आयोजित किया गया है। जिसमे पहले अध्यक्ष तथा उसके उपरांत उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। मानपुर नगर परिषद का चुनाव मानपुर नगर परिषद कार्यालय में होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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