उमरिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा आर के मेहरा ने डायरिया पीड़ित ग्रामो का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने आमगार, कंचोदर, गांधी ग्राम, छोट तुममी का भ्रमण कर वहां के लोगों को दवाइयों का वितरण कराया। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा आर के मेहरा के द्वारा ग्रामीणों को पानी उबालकर सलाह दी। ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया गया। ग्रामीणों को ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग करने को कहा गया। इस अवसर पर डीसीएम रोहित सिंह, बीपीएम, बीईई उपस्थित रहे। तुम्मी छोट में डायरिया से तीन लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद स्वास्थ्य अमला सतर्क हुआ था। हालांकि स्वास्थ्य अमले ने शुरू में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया था जिससे हालत बिगड़ गए।

वहीं गांव में डायरिया फैलने के लिए कलेक्टर ने वहां के सचिव को दोषी माना है। इस मामले में कलेक्टर ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार छोट तुम्मी का हैंडपंप काफी समय से बिगड़ा हुआ था जिसकी वजह से लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा था। पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण बारिश में भरे गड्ढों का पानी पी रहे थे जिससे गांव में डायरिया फैल गया। हैंड पंप का सुधार नहीं होने के लिए कलेक्टर ने सचिव को दोषी माना और उसे निलंबित कर दिया। फिलहाल सचिव के अलावा किसी अन्य पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि हैंडपंप सुधार के लिए पीएचई को भी जिला प्रशासन ने गर्मी के समय अलर्ट किया था। पीएचई के अधिकारी प्रतिदिन दो दर्जन से ज्यादा हैंडपंप के सुधार की लिस्ट भी जारी कर रहे थे। जबकि सच्चाई तो यह है कि पीएचई के अधिकारी सिर्फ लिस्ट जारी कर रहे थे असल में कहीं भी हैंडपंप का सुधार हुआ ही नहीं था। पीएचई के अलावा इस मामले में स्वास्थ्य विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला अपनी नौकरी बचाए रखने के लिए विभाग के अधिकारियों की सेवा में तो दिन रात जुटा रहता है लेकिन जिस काम के लिए उसे तैनात किया गया है वह नहीं किया जाता। गांव में डायरिया फैलने की खबर जिला प्रशासन और सीएमएचओ तक पहुंचाई गई थी लेकिन सीएमएचओ ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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