संजय कुमार शर्मा

उमरिया। लगातार संकट का कारण बनते जा रहे जंगली हाथियों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन शुरू हो गया है। इस विषय पर अब एक कोशिश उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश भर के एक्सपर्ट हिस्सा लेंगे और हाथी से प्रभावित जिलों के वन अधिकारियों का मार्ग दर्शन करेंगे। इस बारे में जानकारी देते हुए फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ बीएस अन्निानेरी ने बताया कि इस कार्यशाला में तीन फील्ड डायरेक्टर और आठ डीएफओ सहित कई अन्य वन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।

हाथियों पर कैसे हो नियंत्रणः फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ बीएस अन्निानेरी ने बताया कि छह व सात दिसंबर को ताला में होने वाली इस कार्यशाला में इस विषय पर चर्चा होगी कि पलायन करके आने वाले जंगली हाथियों पर आखिर नियंत्रण कैसे किया जाए। कार्यशाला में पलायन करने वाले हाथियों के स्वभाव को समझने के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे और उन्हें नियंत्रण में रखने के अलावा उनके बार-बार परिवर्तित होते बर्ताव के बारे में भी बताएंगे।

हाथियों से हो रहा नुकसानः दूसरे प्रदेश और दूसरे जिलों से पलायन करके आने वाले हाथियों की वजह से उन जंगलों और जंगलों के आसपास रहने वालों को खासा नुकसान हो रहा है जहां जंगली हाथियों ने अपना स्थायी निवास बना लिया है। उमरिया जिले के बांधवगढ़ सहित कई जिलों में जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है और लोगों की जान तक ले ली है। अनूपपुर जिले में दो महीने पहले हाथियों ने एक युवक को कुचल दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह सीधी में भी घटना हो चुकी है। हाथियों ने कई घरों को जमींदोज कर दिया था और किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया था।

2018 से सक्रिय जंगली हाथीः उमरिया जिले में जंगली हाथी वर्ष 2018 से सक्रिय हैं जिन्होंने अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अपना स्थायी निवास बना लिया है। बांधवगढ़ में यह हाथी खितौली, पतौर, पनपथा और मानपुर रेंज में ज्यादा सक्रिय रहते हैं। हालांकि ताला और मगधी तक यह हाथी पहुंच चुके हैं और इनकी वजह से पिछले सालों में मगधी, ताला और खितौली में पर्यटन भी बंद करना पड़ गया था। बांधवगढ़ में यह हाथी छत्तीसगढ़ और झारखंड से पहुंचे हैं जिनकी संख्या चालीस से ज्यादा है। इन दिनों यह हाथी पांच अलग-अलग झुंड में बंटे हुए हैं।

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कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञ शामिल होंगे जो जंगली हाथियों पर नियंत्रण के बारे में बताएंगे। इस कार्यशाला में हाथी प्रभावित जंगल के अधिकारी भी शामिल होंगे।

बीएस अन्निानेरी, फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़

Posted By: Nai Dunia News Network

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