उमरिया, नईदुनिया प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उमरिया जिले के महरोई गांव निवासी डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा की आत्महत्या पर से परदा हट गया है। यह घटना आत्महत्या की नहीं थी बल्कि हत्या की थी और हत्यारा डॉ जितेंद्र का दोस्त अजय निषाद ही था।

रायपुर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपित ने भी अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने अजय निषाद की गिरफ्तारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि डॉक्टर जितेंद्र की मौत दम घुटने से जरूर हुई है लेकिन उसका दम फांसी की वजह से नहीं घुटा था बल्कि गले में दबाव डालने के कारण उसकी मौत हुई थी।

बयानों में विसंगति: घटना के बाद डॉक्टर जितेंद्र के दोस्त अजय निषाद ने पुलिस को बताया था कि वह खाना लेने होटल के कमरे से नीचे गया था और जब आधे घंटे बाद है ऊपर आया तब तक डॉ जितेंद्र फांसी के फंदे पर झूल चुका था। साथ ही उसने यह भी बताया कि डॉ जितेंद्र का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था जिसकी वजह से वह तनाव में था। अजय निषाद ने पुलिस को बताया था की डॉ जितेंद्र की पत्नी सुनीता उसके साथ नहीं रहती थी, यही कारण था कि जितेंद्र ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि यह बयान पूरी तरह से गलत था क्योंकि जब डॉ जितेंद्र के पिता गोवर्धन विश्वकर्मा ने पुलिस को बयान दिया तो मामला संदिग्ध हो गया। गोवर्धन विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि डॉ जितेंद्र का अपनी पत्नी के साथ किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। ना ही उसकी पत्नी उसे छोड़कर कहीं गई थी। बल्कि वह अपने बच्चों के साथ अपने घर पर ही है। गोवर्धन विश्वकर्मा ने यह आरोप भी लगाया था कि उनके बेटे की मौत आत्महत्या का परिणाम नहीं है बल्कि उसकी हत्या की गई है और हत्यारे कोई और नहीं अजय निषाद ही है।

घटनास्थल भी था संदिग्ध: रायपुर के एएसपी तारकेश्वर पटेल ने नईदुनिया को बताया कि अजय निषाद पर शुरू से ही शक था। क्योंकि जिस घटनास्थल पर डॉ जितेंद्र का शव पाया गया था वह सामान्य नहीं था। कमरे के अंदर काफी तोड़फोड़ हुई थी। कांच टूटा हुआ पड़ा था और सामान बिखरा हुआ था। इतना ही नहीं डॉ जितेंद्र के शरीर पर भी चोट के काफी निशान थे। उसकी आंख में भी कांच लगा था। इन सब बातों को लेकर पुलिस अपने स्तर पर मामले को समझ रही थी। अजय निषाद को शुफ से ही हिरासत में रखा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह तय हो गया कि डॉक्टर जितेंद्र ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी और जैसे ही यह तय हुआ अजय निषाद को गिरफ्तार कर लिया गया।

पिता ने लगाए थे आरोप: रायपुर छत्तीसगढ़ के गुरुनानक चौक स्थित होटल संदीप में डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा की आत्महत्या के मामले में उसके पिता पहले ही अजय निषाद पर हत्या का आरोप लगा चुके थे। डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा उमरिया जिले के महरोई गांव के रहने वाले थे जिनकी लाश बेहद संदिग्ध अवस्था में रायपुर के गुरुनानक चौक स्थित होटल संदीप में पाई गई थी। इस मामले में डॉक्टर जितेंद्र विश्वकर्मा के पिता गोवर्धन विश्वकर्मा का आरोप लगाया था कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी हत्या की गई है और हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उनका वही दोस्त है जो उन्हें लेकर रायपुर गया था। गोवर्धन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉ जितेंद्र के दोस्त अजय निषाद को शक था कि डॉ जितेंद्र के उसकी मां के साथ अवैध संबंध थे जिसके कारण यह हत्याकांड रचा गया है।

अजय ने की प्लानिंग: गोवर्धन विश्वकर्मा ने बताया कि उनका बेटा जितेंद्र पिछले 1 साल से महरोई में रहकर ही डिस्पेंसरी चला रहा था। इससे पहले वे सभी लोग अनूपपुर जिले के राजनगर में रहते थे। राजनगर कालरी में गोवर्धन विश्वकर्मा नौकरी करते थे और उनका लड़का डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा वही डिस्पेंसरी चलाता था। यही अजय निषाद की डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा से मित्रता हुई और इसी मित्रता के दौरान अजय निषाद ने कई बार अपनी मां का उपचार भी डॉक्टर जितेंद्र विश्वकर्मा से कराया। मेल मुलाकात के दौरान ही डॉ जितेंद्र और अजय निषाद की लगभग 50 वर्षीय मां के संबंध डॉक्टर जितेंद्र के साथ गहरे सम्बन्ध बन गए।

बहन ने दी थी धमकी: गोवर्धन विश्वकर्मा ने यह भी बताया था कि कुछ दिनों पहले डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा के फोन पर अजय निषाद की बहन का फोन आया था और वह भी डॉ जितेंद्र को धमका रही थी कि वह उनकी मां के साथ संबंध तोड़ ले। हालांकि डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा ने अजय निषाद की बहन को यह विश्वास दिलाने की पूरी कोशिश की थी कि उनका उनकी मां के साथ किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं था।

पहले ले गया था भोपाल: गोवर्धन विश्वकर्मा का कहना है कि कुछ समय पहले अजय निषाद डॉक्टर जितेंद्र को भोपाल भी ले गया था और संभवत उसकी प्लानिंग भोपाल में डॉ जितेंद्र की हत्या करने की थी। लेकिन शायद वहां उसे मौका नहीं मिला इसलिए वह डॉक्टर जितेंद्र को वहां नहीं मार पाया और यही कारण है कि उसने अब इस घटना को अंजाम दिया है। गोवर्धन शर्मा ने बताया कि 22 तारीख को अजय निषाद ने डॉ जितेंद्र को राजनगर बुला लिया था और वहीं से यह लोग रायपुर रवाना हो गए थे। रायपुर में अजय निषाद ने पहले से ही होटल में 2 दिनों के लिए कमरा बुक करा रखा था और वही कमरे में यह घटना हुई है।

आत्महत्या की नहीं थी वजह: डॉ जितेंद्र विश्वकर्मा के पिता ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे के पास आत्महत्या की कोई वजह नहीं थी। जब कोई आत्महत्या करता है तो पहले अपने शरीर को घायल नहीं करता है। जबकि उनके पुत्र के शरीर पर काफी गंभीर चोट के निशान थे। पूरे शरीर पर मार के निशान थे। सिर के पिछले हिस्से में चोट थी, आंखों में कांच मारा गया था। उसे जिस तरीके से फांसी पर लटकाया गया था उसे देखकर साफ लग रहा था कि किसी ने मारने के बाद डॉक्टर जितेंद्र को फांसी पर लटकाया है।

इस बयान से खुलासा: रायपुर से आई खबरों में इस बात का उल्लेख था कि डॉ जितेंद्र का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा है और इसी विवाद के कारण उन्होंने आत्महत्या की है। जबकि उनके पिता गोवर्धन विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया था कि डॉ जितेंद्र का अपनी पत्नी से किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। डॉ जितेंद्र की पत्नी श्रीमती सुनीता विश्वकर्मा उनकी पुत्री श्री और स्वाति तथा पुत्र विनायक सभी डॉक्टर जितेंद्र के साथ महरोई में ही रह रहे थे। जबकि आरोपित ने पुलिस को यह बताया था कि डॉक्टर जितेंद्र की पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई है और उनके साथ नहीं रहती है जिससे वह परेशान थे। इस बयान ने अजय निषाद को संदिग्ध बना दिया था और अंततः उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Posted By: Ravindra Suhane

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