उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे ने एक बार फिर कई ट्रेनों को अगले 14 दिनों के लिए रद्द करके अपनी तानाशाही का नमूना प्रस्तुत कर दिया है। रेलवे ने 22 जुलाई तक कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है और इसके लिए बहाना तीसरी लाइन को ही बनाया है। पिछले छह महीने से रेलवे एक के बाद दूसरा आदेश जारी करके ट्रेनों को लगातार रद्द रख रही जिससे उमरिया जिले के व्यापारियों और मजदूरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपडाउनर्स भी ट्रेनों के बंद होने के कारण प्रभावित हैं। खास बात यह है कि यात्री ट्रेनें चलने से तीसरी लाइन के कार्य में बाधा बताई जा रही है जबकि मालगाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। दरअसल रेलवे आम लोगों को धोखे में रखकर यात्री ट्रेनों को बंद करके मालगाड़ियों को चलाना चाहता है। यही कारण है कि यात्री ट्रेनें तो बंद की जा रही है और मालगाड़ियां पहले से ज्यादा चलाई जा रही है।

छह महीने से चल रहा तमाशाः पिछले कई महीनों से रद्द ट्रेनों को रेलवे ने एक बार फिर 14 दिनों के लिए रद्द कर दिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर रेल मंडल के अमलाई-बुढ़ार सेक्शन में तीसरी रेललाइन का विद्युतीकृत का कार्य किया जाएगा इस कार्य के कारण रेलवे ने कई यात्री गाड़ियों को एक बार फिर रद्द कर दिया है। इस सबंध में जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अंतर्गत अमलाई-बुढ़ार सेक्शन में तीसरी रेललाइन विद्युतीकृत का कार्य दिनांक 07 जुलाई से 20 जुलाई, 2022 (14 दिन ) तक किया जाएगा । इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी।

शटल को तो बंद ही कर दियाः चिरमिरी से कटनी तक चलने वाली आम आदमी की ट्रेन शटल को तो पिछले तीन साल से बंद कर दिया गया है। कोरोना काल में जब ट्रेनें बंद की गई थी तब शटल को भी बंद कर दिया गया था जिसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। यह ट्रेन अपडाउनर्स और मजदूरों की ट्रेन थी जिससे लोग सुबह अपने काम पर निकलते थे और शाम को काम से वापस अपने घर पहुंच जाते थे। इस ट्रेन को चालू करने की मांग कई बार की जा चुकी है लेकिन इसे चालू नहीं किया जा रहा है।

सारी जरूरी ट्रेनें बंदः लंबी दूरी की तो कई ट्रेनें बंद कर दी गई हैं साथ ही वे सारी जरूरी ट्रेनें भी बंद कर दी गईं हैं जिसका उपयोग आम लोग प्रतिदिन करते थे। शटल के अलावा अंबिकापुर-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को बार-बार बंद कर दिया जाता है। चिरमिरी-चंदिया फास्ट पैसेंजर ट्रेन को तीन साल से बंद रखा जा रहा है। भोपाल-बिलासपुर ट्रेन भी लगातार बंद रखी जा रही है। आश्चर्य की बात तो यह है कि रेलवे जहां तीसरी लाइन के काम के दौरान यात्री ट्रेनों को बाधा मानता है वहीं से धड़ाधड़ मालगाड़ियां निकाली जा रही है। इतना ही नहीं जो ट्रेनें निर्माण स्थल से रात के समय निकलती हैं उसे भी बंद रखा जा रहा है।

लांगहाल निकाल रहा रेलवेः एक तरफ तो रेलवे यात्री ट्रेनों को बंद करके लोगों को मुश्किल में डाल रहा है वहीं दूसरी तरफ ओवरलोड लॉंगहाल निकाल रहा है जिससे रेलवे ट्रैक बदहाल होते जा रहे हैं। लॉगहाल डबल मालगाड़ी होती है जिसमें बीच में भी एक इंजन लगाया जाता है। एक सौ बीस डिब्बों से ज्यादा की मालगाड़ी होने के कारण इसे हर स्टेशन पर नहीं रोका जा सकता क्योंकि लंबाई ज्यादा होने के कारण यह गाड़ी उस जगह से आगे निकल जाती है जहां से स्टेशन के बाहर के ट्रैक की गाड़ी स्टेशन के ट्रैक में प्रवेश करती है। इसकी वजह से यात्री ट्रेनें भी प्रभावित होती हैं।

आदिवासी नेता ने जताया विरोधः ज्यादा कोयला ढोने के लिए रेलवे के अधिकारी यात्री ट्रेनों को बंद कर रहे और जगह-जगह रोक रहे हैं, इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में कांग्रेस नेता वासुदेव सिंह उटिया ने विरोध करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की जाएगी कि ज्यादा कोयला ढोने के लिए यात्रियों को परेशानी में डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वे खुद लोगों की परेशानी अपनी आंखों से देख चुके हैं और वे कतई ये बर्दाश्त नहीं कर सकते किइस क्षेत्र के लोगों को परेशान किया जाए।

रेलवे के अधिकारियों से करेंगे मुलाकातः कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ उमरिया ही नहीं शहडोल और अनूपपुर की जनता को भी रेलवे के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। वे इस मुद्दे को लेकर रेलवे के उच्चधिकारियों से मुलाकात करेंगे और उन्हें यहां के लोगों की समस्या से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि ज्यादा कोयला ढोने से उन्हें ऐताराज नहीं है लेकिन जिस तरह से कोयला ढोने के लिए आम यात्रियों की ट्रेनों को बंद किया जा रहा है इससे उन्हें परेशानी है।

ये मांग भी की जाएगीः रेलवे के अधिकारियों से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और मांग की जाएगी किजो ट्रेनें उमरिया और पाली में नहीं रूक रही है और जिनकी मांग लम्बे समय से यहां की जनता कर रही है उन्हें स्टॉपेज दिया जाए। उमरिया रेलवे स्टेशन में फुट ओवर ब्रिज बनाया जाए। विकटगंज की सड़क का निर्माण हो। शटल ट्रेन को चालू किया जाए। शहडोल रेलवे स्टेशन में रैंप बनवाया जाए। चंदिया चिरमिरी पैसेंजर को चालू करने के साथ उसका स्टॉपेज घुनघुटी में भी किया जाए। अनूपपुर रेलवे स्टेशन की सुविधाओं में भी बढौत्तरी की जाए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जल्द ही तैयारी पूरी की जाएगी और मांग अधिकारियों के सामने रखी जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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