Umaria News संजय कुमार शर्मा, उमरिया। मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा बढ़ने के साथ-साथ उनमें आपसी संघर्ष के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसी साल क्षेत्र की लड़ाई में छह बाघों की मौत हो चुकी है। युवा बाघ कमजोर और बीमार बाघों को आसानी से अपना निशाना बना लेते हैं। इसे देखते हुए एमपी टूरिज्म और टाइगर रिजर्व द्वारा बाघों को रखने के लिए जंगल में बीस हेक्टयर का एक बड़ा सा बाड़ा बनाया जाएगा, जिसके अंदर बाघ रखे जाएंगे।

उमरिया और कटनी जिले की सीमा पर जंगल में बीस हेक्टेयर में बनने वाली जगुआ सफारी में न सिर्फ बूढ़े और कमजोर बाघ बेफ्रिक होकर रह सकेंगे बल्कि पर्यटकों को भी यहां बाघ बेहद आसानी के साथ देखने को मिल सकेंगे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर रेंज के जगुआ गांव में बीस करोड़ की लागत से टाइगर सफारी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। साथ ही नेशनल जू अथॉरिटी को भी प्रस्ताव भेजा गया है।

पहले हुआ था विरोधः चार साल पहले तो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज में बाकायदा टाइगर सफारी का काम शुरू कर दिया गया था जिसे बाद में विरोध के कारण बंद करना पड़ा।

यह है बांधवगढ़ की स्थितिः बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 124 है और यहां ज्यादातर बाघ युवा अवस्था वाले हैं। बांधवगढ़ में आठ साल से दस साल वाले बाघों की संख्या लगभग 20 है। जबकि एक साल से तीन साल और तीन से छह साल वाले बाघों की संख्या यहां सबसे ज्यादा है।

बढ़ रही है टेरिटोरियल फाइटः बांधवगढ़ में टेरिटोरियल फाइट लगातार बढ़ रही है। बाघों को लगभग बीस किलोमीटर का क्षेत्र टेरिटरी के लिए चाहिए होता है जबकि बाघों की संख्या बढ़ने के कारण कोर क्षेत्र अब कम पड़ने लगा है। बांधवगढ़ में कोर और बफर जोर मिलाकर कुल क्षेत्रफल 1602 वर्ग किलोमीटर है।

पहले वाली भूल नहीं: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार साल पहले भी खितौली में टाइगर सफारी बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन उस समय बिना एनटीसीए और ऑल इंडिया जू अथॉरिटी की अनुमति के बिना काम शुरू कर दिया गया था। इस मामले में जब आरटीआइ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने शिकायत की तो एनटीसीए ने टाइगर सफारी का काम रुकवा दिया था। प्रबंधन ने बाद में अनुमति के लिए आवेदन किया तो मामला हाईकोर्ट में चला गया और अभी भी इसमें फैसला नहीं हुआ है। इस बार बांधवगढ़ प्रबंधन ने पहले वाली भूल नहीं दोहराई और पहले प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी है।

इनका कहना है

पनपथा रेंज के कटनी जिले के गांव जगुआ में बीस करोड़ की लागत से टाइगर सफारी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा।

सिद्घार्थ गुप्ता, डिप्टी फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस