उमरिया, नईदुनिया प्रतिनिधि। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में स्थित राम जानकी मंदिर में अंततः प्रशासन ने ताला गेट से सिर्फ पांच गाड़ियों को रवाना कर के वीआईपी दर्शन शुरू करा दिया है। विधायक दिव्यराज सिंह सहित कई लोगों को पांच अलग-अलग गाड़ियों से मंदिर तक ले जाया गया, जहां उन्होंने राम जानकी मंदिर में भगवान के दर्शन किए और प्रसाद अर्पित किया।

दोपहर बाद निर्णय

हालांकि दोपहर बाद प्रशासन ने यह निर्णय लिया, जिसकी वजह से आम लोगों को पैदल जंगल के अंदर भेज पाना संभव नहीं था। दिव्यराज सिंह ने प्रशासन के झुकते ही यह कहा कि धर्म की जीत हुई है और अधर्म हार गया है।

वीआईपी दर्शन की पहले से थी तैयारी

मंदिर को जिस तरह से साफ सुथरा किया गया था उसे देखते हुए लगता है कि वीआईपी दर्शन की पहले से ही तैयारी थी। धरना प्रदर्शन और एक दिन पहले से चल रही राजनीतिक सरगर्मी संभवत आम लोगों को भुलावे में डालने के लिए थी, क्योंकि जब दोपहर बाद पांच गाड़ियों से लोग दर्शन करने के लिए मंदिर तक जा सकती थी तो यही व्यवस्था यदि सवेरे 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक कर दी जाती तो आम लोग भी गाड़ियों से दर्शन करके वापस आ सकते थे, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया और पहले से की गई तैयारी के अनुसार सिर्फ वीआईपी दर्शन ही विधायक दिव्यराज सिंह सहित अन्य लोगों को करा दिए।

आम लोग वंचित

धरना प्रदर्शन के बावजूद जिले के अन्य लोग कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बांधवाधीश मंदिर तक पहुंचने में असफल ही रहे। यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि दिव्यराज सिंह का धरना प्रदर्शन सिर्फ अपने लिए ही रहा।

आम लोगों में नाराजगी

भगवान बांधवाधीश के दर्शन से वंचित रहे लोगों में नाराजगी है और उन्होंने ना सिर्फ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को इसके लिए दोषी ठहराया है, बल्कि जिला प्रशासन को भी इसके लिए दोषी माना है। आम लोगों का कहना है कि अगर यही व्यवस्था प्रशासन पहले कर देता तो सभी लोग दर्शन कर सकते थे। गाड़ियों को किराए पर भी लेकर लोग जा सकते थे और दर्शन करके समय पर वापस आ सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और साजिशन लोगों को दर्शन करने से रोका गया।

नहीं दिखे हाथी

जिन पांच गाड़ियों को जंगल की तरफ रवाना किया गया था वह पूरी तरह सुरक्षित रही और रास्ते में कहीं कोई हाथी या दूसरा जानवर नजर नहीं आया। इससे स्पष्ट है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने झूठ फैला कर मंदिर तक की यात्रा को बाधित किया और धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई। लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की है और कहा है कि प्रबंधन ने आम लोगों के साथ छल किया है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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