उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक महीने के अंदर दूसरी बार स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक करके आखिर रजिस्टर्ड जिप्सिायों की संख्या बढ़ाने का निर्णय आखिर ले ही लिया गया। जबकि स्थानीय लोग इसका लगातार विरोध कर रहे थे। बताया गया है कि कुछ बड़े होटल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए जिप्सियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे कारोबार इन नई जिप्सियों के बीच भी बंट जाएगा जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान होगा।

बैठक पर ही उठाए थे सवालः जनवरी में हुई बैठक से एक महीने पहले दिसम्बर में भी स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक हुई थी जिस पर ही जिप्सी संचालकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया था। जिप्सी संचालकों का कहना था कि यह बैठक इसलिए रखी गई है ताकि हाल ही में कुछ होटल संचालकों द्वारा लाई गई नई जिप्सियों को रजिस्टर्ड कराया जा सके। स्थानीय जिप्सी संचालकों में इस बात को लेकर शुरू से ही भय रहा है कि अगर रजिस्टर्ड जिप्सियों की संख्या बढ़ जाएगी तो कारोबार का और भी ज्यादा बंटवारा हो जाएगा।

पहले बढ़े परमिट बढ़ाना थाः ताला सरपंच रतिभन सिंह का कहना है कि बिना कारोबार बढ़ाए जिप्सियों की संख्या अगर बढ़ाई जाती है तो इससे लोगों के पास काम और कम हो जाएगा। इसलिए जरूरी है कि पहले परमिट यानी टिकटों की संख्या बढ़ाई जाए इसके बाद जिप्सियों की संख्या बढ़ाई जाए। यदि इसके पहले जिप्सियों की संख्या बढ़ाई जाती है तो जिप्सी संचालकों में असंतोष उत्पन्ना होगा।

221 जिप्सियां रजिस्टर्डः बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 147 परमिट है जिसके लिए 221 जिप्सियां रजिस्टर्ड की गईं हैं। पहले बांधवगढ़ प्रबंधन द्वारा कहा जाता था कि जिप्सियों का रजिस्ट्रेशन पर्यटन वर्ष शुरू होने के पहले किया जाता है। जबकि कुछ होटल संचालकों के द्वारा नई जिप्सियों के लाने के बाद न जाने क्यों एक महीने के अंदर दोबारा स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक बुला ली गई और नई जिप्सियों के प्रस्ताव भी रजिस्ट्रेशन के लिए मंगाना शुरू कर दिया गया।

गाइड की संख्या कमः विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ताला में गाइड की कमी बनी हुई है। गाइड पूर्ति के लिए बार-बार एलएसी की बैठक में निर्णय लिया जाता है लेकिन गाइड भर्ती की चर्चा को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पिछले वर्ष गाइड भर्ती निकाली गई थी किंतु उसमें पंजीकृत आठ गाइडों को फेल कर उन्हें बाहर कर दिया गया था। 270 लड़कों को प्रशिक्षित कर 8 लड़कों को कर चयनित कर लिया गया था।

यह है हालः बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 221 जिप्सी रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद भी कोर, बफर मिलाकर लगभग 108 गाइड हैं। जबकि कोर, बफर, नाइट सफारी मिलाकर लगभग 250 से ज्यादा टिकट उपलब्ध है। इसी तरह जब जब गाइड की जरूरत पड़ती है। तो श्रमिकों को गाइड कार में भेज दिया जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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