उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जल ही जीवन है, जल का संरक्षण, संवर्धन तथा जल प्रबंधन हमारा दायित्व एवं कर्त्तव्य है, हमें अपने जल स्रोतों, नदी, तालाब, कुआं- बावली आदि का संरक्षण करना चाहिए, इसी उद्देश्य से जिले की स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित जिला प्रशासन द्वारा पांच दिवसीय उमरिया जिले की जीवन रेखा उमरार नदी की पद यात्रा की गई। नदी के किनारे बसे ग्रामों के लोगों को जागरूक किया गया, ग्रामीणों ने सहभागिता भी निभाई। इस दौरान जल पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसका समापन ग्राम खैरवार में छोटी महानदी एवं उमरार नदी के संगम पर संपन्ना हुआ।

नदियों का संरक्षण जरूरीः कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमिश्नर राजीव शर्मा ने कहा कि दुनिया में जितनी भी मानव सभ्यता विकसित हुई है वे सब नदियों के किनारे ही हुई है, जिसका कारण नदियां जीवन की हर आवश्यकता, जन्म से मृत्यु तक की आवश्यकता की पूर्ति करतीं हैं। आयुक्त शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कथली नदी के संरक्षण के लिए काम करने वाली टीम को बधाइयां दी। उन्होंने कहा कि पानीदार लोग ही पानी का संरक्षण कर सकते हैं। एडीजी पुलिस शहडोल रेंज डी सी सागर ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को कथली नदी का संरक्षण कर सौंपा जाना सुखद है। कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। हमें अपने प्रयासों को आगे बढाते रहना होगा

509 तालाबों का जीर्णोंद्धारः सीईओ जिला पंचायत इला तिवारी ने कहा कि जो शहर नदियों के किनारे बसे होते हैं, वहां समृद्धि स्वमेव आ जाती है। किसानों को खेती के लिए पानी, पालतू जीवों के भोजन तथा पेयजल की व्यवस्था हो जाती है, हम सबको जल संकट से निपटने के लिए सरकार के साथ जन सहभागिता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिले में पुष्कर धरोहर के तहत 509 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिले में 103 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं । अमृत सरोवर के तहत तालाब निर्माण कराएं जा रहे है जिनमें थ्री लेयर का पौध रोपण भी कराया जाएगा। अमृत सरोवर के तहत बन रहे तालाब में आम जनों से जुड़नें की अपील भी जिला पंचायत सीईओ द्वारा की गई।

साझा किए अनुभवः बाला सिंह टेकाम ने यात्रा के अनुभव बताते हुए कहा कि आकाश कोट के बिरहुलिया गाँव में उदगम स्थल से यात्रा का शुभारंभ किया। पांच पड़ाव तथा 30 ग्रामों में सम्पर्क किया। जिन स्थानों में अर्जुन, जामुन, ऊमर के पेड़ है वहां पानी की धार मिली। नदियों का जीवन बचाने के लिए वनों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण जरूरी है। नदियों में अतिक्रमण नहीं हो, समाज एवं सरकार मिलकर काम करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनीष सिह ने कहा कि राज, समाज और संत मिलकर नदी को नया जीवन दिया जा सकता है। समाज को जल संरक्षण से जुडना होगा, नदियों के मरने से जीवन मर जायेगा पर्यावरण विद श्री निवास ने कहा कि धरती का तापमान बढता जा रहा है। पानी एवं जंगल को बचाना होगा, स्वाभिमान आंदोलन के प्रतिनिधि देव स्वरूपानंद ने कहा कि पूरे देश की नदियों के संरक्षण हेतु समस्या न बताकर आगे बढ़ना होगा, तभी सभ्यता संस्कृति को बचा सकेंगे।

नदी का संरक्षण करने वाले सम्मानितः कार्यक्रम के दौरान चंदिया नगर में प्रयासम फाउण्डेशन व्दारा कथली नदी के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। मुन्नाा भाई संगीत मंडली ने जल संरक्षण एवं नदी संरक्षण एवं समाज में प्रचलित गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार सिन्हा, तहसील दार चंदिया पंकज नयन तिवारी, चंदिया टी आई राघवेंद्र तिवारी, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एच पी शुक्ल, समाज सेवी संतोष दिवेदी, भूपेन्द्र तिवारी, अजय भिमानिया,संत देव स्वरूपा नंद, मनीष राजपूत, नंद लाल, एम खान, फूल सिंह, सुरेन्द्र, अरूण त्रिपाठी, एजाज खान, के जी पाण्डेय, विजय जोशी, सुरेन्द्र जी, फूल सिंह, पवन सिंह, राजेश मानव, राम क्रपाल, भूपेश शर्मा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में नदी के तट पर महाआरती की गई जिसमे भारी संख्या में ग्रामीण जनों ने हिस्सा लिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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