उमरिया। इंसान के मन में काम करने की इच्छा हो तो उम्र की सीमा कोई मायने नहीं रखती, न ही अनुभव की कमी बंधन बनता है। बुढ़ापा भी बाधा नहीं डालता और सफलता कदम चूम लेती है। ऐसा ही कुछ करके दिखाया है उमरिया निवासी पचास पार की शीला सिंह ने, उन्होंने डिस्पोजल उद्योग डाला और आज 25, 000 रुपये महीने की आय अर्जित कर रही हैं। शीला सिंह ने बताया कि उनके काम में उनका हाथ उनकी बहू अमृता सिंह बंटाती हैं और यही कारण है कि वे कारोबार में सफल हो पाईं।

इसका करती हैं निर्माणः फैक्ट्री में सभी प्रकार के दोने, नाश्ता की प्लेट, थाली बनाई जाती है। शादी विवाह और किसी भी दूसरे आयोजन में आजकल डिस्पोजल प्लेट और गिलास का ही उपयोग सबसे ज्यादा होता है यही कारण है कि शीला सिंह को इस काम में सफलता मिल गई। उन्होंने बताया कि प्लेट, कटोरी, थाली बनाने के लिए सारा कच्चा माल जबलपुर से मंगाया जाता है। कच्चा माल भी बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

यहां हो रही है सप्लाईः काम शुरू करते समय शीला सिंह के मन में यह सवाल था कि माल कहां बेचेंगी लेकिन जब काम शुरू हुआ तो उन्होंने बाजार भी तलाश लिया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा बनाये गए सामानों की सप्लाई उमरिया, चंदिया, अखडार, बिलासपुर, विजयराघवगढ़, कटनी में सप्लाई की जा रही है जिससे उन्हें माह में 25 हार रुपये तक कि आय प्राप्त हो जाती है।

चार अन्य लोगों को कामः शीला सिंह द्वारा शुरू किए गए इस काम में उनका साथ परिवार के लोग दे ही रहे हैं साथ ही उन्होंने अपने काम को और आसान बनाने के लिए चार अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे दिया है जिससे 4 परिवारों का भला हो रहा है। यह महिलाएं उनकी फैक्ट्री में प्लेट बनाने के अलावा उन्हें पैक करने का भी काम करती हैं। महिलाएं भी किसी से कम नही होती है, यदि वे मन में कुछ करने की ठान ले तो उसे करके दिखाती है।

उम्र की नहीं है सीमाः जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में आवेदन करने के बाद शीला सिंह ने 4 लाख 61 हजार रुपये को लोन प्राप्त हुआ जिसमें 1 लाख 15 हजार रुपये की छूट प्राप्त हुई। लोन की राशि मिलने पर शीला सिंह ने डिस्पोजल बनाने वाली मशीन क्रय की और अपना काम शुरू कर दिया। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक डीके मर्सकोले ने बताया कि प्रधानमंत्री सृजन योजना के तहत लोन लेने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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