उमरिया। ताला रेंज के हरदिहा बीट में अंधियारी झिरिया के निकट बाघ को मारने वाला हाथी आखिरकार मिल गया है। पार्क के कर्मचारियों की कई टीम हाथी की तलाश में हर संभावित स्थान पर जा चुकी थी।

जानकारी के मुताबिक एक बीटगार्ड और बाघ को मारने वाला यह हाथी घटना स्थल से बीस किमी दूर मगधी रेंज में मिला है। इस हाथी को तलाशने के लिए पिछले दो दिनों से पार्क प्रबंधन को जबरदस्त मशक्कत करनी पड़ रही थी।

लहूलुहान हाथी

बाघ से लड़ाई के दौरान यह हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। जब इस हाथी को मगधी बीट में देखा गया तो यह बुरी तरह से लहूलुहान था। हाथी के चारों पैरों पर बाघ के दांत गड़े हुए थे। हाथी के सूंड़ से भी खून बह रहा था। इतना ही नहीं हाथी के शरीर में कई अन्य स्थानों पर भी गहरे घाव थे।

घटना के 48 घण्टे बाद भी हाथी घबराया हुआ था। उसे बड़ी मुश्किल से काबू में किया गया और मगधी से वापस हरदिहा बीट पहुंचाया गया। इस हाथी की तलाश में पिछले 48 घण्टों से कर्मचारी जुटे हुए थे।

अष्टम की सेवा में सब तत्पर

बीटगार्ड विनोद पखाले और बाघ को शिकार बनाने वाले इस हाथी का नाम अष्टम है। इस हाथी के बारे में जानकारी देते हुए हरदिहा हाथी कैम्प के वनकर्मियों ने बताया कि यह हाथी पार्क के रास्तों से भी अच्छी तरह परिचित है। इस हाथी से सभी महावतों का खास लगाव है। यही कारण है कि इस हाथी की सेवा करने के लिए पार्क के कर्मचारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।

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