उमरिया, नईदुनिया प्रतिनिधि। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 11 वर्षीय एक बाघिन की मौत हो गई है। बाघिन का शव रविवार की देर रात जंगल में देखा गया था। इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमार्टम सोमवार की सुबह कराया गया और उसके पश्चात उसका अंतिम संस्कार घटनास्थल के निकट ही कर दिया गया। बाघिन की मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। संभवतः वह बीमार थी और उम्र ज्यादा होने के कारण उसकी मौत हुई है। बाघिन के शरीर पर चोट के कोई निशान मिलने की भी अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है। एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और इस दौरान सभी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

गश्ती दल ने देखा शव

विश्वविख्यात बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में रविवार की देर रात बाघिन का शव मिला है, पार्क के गश्ती दल को टाइगर रिसर्व के गेट नंबर एक ताला जोन के घोड़ा डेमन नामक स्थान पर बाघिन का शव मिला था। मृत बाघिन की उम्र 11 से 12 साल के बीच की है। घटना की जानकारी के बाद पार्क के उच्च अधिकारी मौके पर पंहुच गए। हालांकि, ज्यादा रात और अंधेरा होने के कारण जांच एवं अग्रिम कार्रवाई सोमवार की सुबह से आरंभ की गई। एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया है कि वन्य जीव चिकित्सक एनटीसीए सदस्य और उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मृत बाघिन का पीएम कराया गया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल की फोरेंसिक जांच के बाद ही बाघिन की मौत के कारणों का पता चल पाएगा।

जीवित अवस्था में देखी गई बाघिन

पार्क प्रबंधन ने बताया कि रविवार की शाम को बाघिन जीवित अवस्था में देखी गई थी। उस दौरान बाघिन कुछ सुस्त नजर आ रही थी। गश्ती दल ने इस बाघिन को एक जगह से उठकर दूसरी जगह जाते हुए देखा था, लेकिन यह बाघिन ज्यादा दूर नहीं गई और कुछ दूर जाने के बाद यह उसी स्थान पर बैठ गई। गश्ती दल ने काफी देर तक बाघिन पर नजर जमाए रखी, लेकिन यह बाघिन अपने स्थल से उठती हुई नजर नहीं आई। काफी देर तक जब यह बाकी नहीं उठी तो गश्ती दल ने करीब जाकर देखा तो यह बाघिन मृत पाई गई। बाघिन की मौत की सूचना गश्ती दल ने अधिकारियों को दी और उसके बाद अधिकारी सक्रिय हो गए।

एनटीसीए को भेजी जानकारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बाघिन की मौत की जानकारी एनटीसीए को भेज दी है। जंगल में किसी भी बाघ या बाघिन की मौत के बाद इसकी सूचना एनटीसीए को भेजी जाती है। यदि एनटीसीए को आवश्यक लगता है तो उसका एक प्रतिनिधिमंडल घटना की जांच के लिए जंगल भी आता है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार बढ़ती संख्या और बाघों की मौत दोनों ही तरह की घटनाएं सामने आ रही है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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