उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर ने प्रदेश भर में कई बच्चों के सिर से कोरोना ने माता पिता का साया छीन लिया है। उमरिया जिले का एक ऐसा ही हंसता खेलता परिवार इस वैश्विक महामारी की भेंट चढ़ गया। उमरिया जिले के नौरोजाबाद नगर में निवासरत शिवाली और आलोक के सिर से किडनी फेल होने से एक वर्ष पूर्व मां का साया छीन लिया था और एक साल भी पूरा नही हो पाया कि वैश्विक महामारी कोरोना ने पिता का साया भी सिर से हटा लिया। पिता संजीव राय के निधन के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा। संजीव छोटा- मोटा काम कर अपना परिवार चलाते थे। बच्चों के मामा सुरेश मजूमदार ने बताया कि शिवाली कक्षा 06 में और आलोक कक्षा पांच में पढ़ता है। संकट की इस घड़ी में बच्चों की परवरिश करना किसी चुनौती से कम नहीं है।

पूरे होंगे सपनेः पर अब मां अर्चना राय और पिता संजीव ने खुली आंख से जो सपने अपने बच्चो के लिए देखे थे अब उन सपनों को उड़ान मिलेगी । प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा से। शिवाली ने बताया कि उनकी मां और पिता जी दोनों बीमारियों की भेंट चढ़ गए अब वो डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेंगी और अपनी मां का सपना पूरा करेंगी ताकि कोई दूसरा परिवार न बिखरने पाए वही आलोक साइंटिस्ट बनकर अपनी मां का सपना पूरा करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने दिया सहाराः एक जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अल्प प्रवास पर दोपहर तकरीबन मुख्यालय स्थित हवाई पट्टी पर विशेष विमान से पहुंचे,इस दौरान उनके साथ चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वाश सारंग और शहडोल प्रभारी व राज्य मंत्री राम खेलावन पटेल मौजूद थे। कोरोना से स्वजन की मौत होने से मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना का लाभ नोरोजाबाद निवासी दो मासूम भाई- बहन शिवाली राय व आलोक राय को प्रदान किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे खूब मन लगाकर पढ़ें उन्हें सभी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाएगा।

यह है योजनाः मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के कारण अनाथ होने वाले बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी सरकार पर लेते हुए मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना प्रारम्भ की है। योजना के माध्यम से यदि कोई व्यक्ति संरक्षण की जिम्मेदारी लेता है, संबंधित बच्चों तथा अभिभावक के खाते में 21 वर्ष या शिक्षा जारी रही तो 24 वर्ष आयु तक 5 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्र वृत्ति, पढाई का व्यय निजी या शासकीय विद्यालय में, खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत अनाज की व्यवस्था, तकनीकी महाविद्यालय में प्रवेश पर शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय, परीक्षा शुल्क आदि सरकार वहन करेगी, सरकार की इस योजना से बच्चे अपनी प्रतिभा के अनुसार उडान भर सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि अनाथ बच्चों के माता पिता की कमीं को तो पूरा नही किया जा सकता पर उनके जीवन में उन्नति के अवसर बाधित नहीं होंगे।

बच्चों को मिलेगा लाभः कलेक्टर उमरिया संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि शिवाली और आलोक को जो क्षति हुई है वह अपूर्णीय है पर बाल सेवा योजना आलोक और शिवाली सहित ऐसे सभी बच्चों के लिए जिनके सर से कोरोना कि दूसरी लहर में 01 मर्च से 30 जून के बीच माता पिता का साया उठ चुका है,उनके लिए यह योजना संजीवनी का काम करेंगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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