उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिजली विभाग ने अब बिल का बकाया वसूलने के लिए पूरे गांव की बिजली काटनी शुरू कर दी है। बुधवार को जिले के मानपुर जनपद क्षेत्र के बांधवगढ़ के बफर जोन में बसे ग्राम बरतराई की बिजली काट दी गई। इस बारे में जानकारी देते हुए इस गांव के पूर्व उपसरपंच अजय सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोगों का बिल बकाया था लेकिन पूरे गांव की बिजली काट दी गई। इससे वे लोग भी परेशान हो रहे हैं जो हर महीने अपना बिल समय पर जमा कर देते हैं। गांव के कुछ लोगों ने पिछले काफी समय से बिल जमा नहीं किया था जिसकी वजह से सभी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव के जिन लोगों ने बिजली का बिल जमा कर दिया है वे मांग कर रहे हैं कि उनकी बिजली जोड़ी जाए अन्यथा वे कोर्ट का सहारा लेंगे और विभाग के खिलाफ मुकदमा करेंगे। बरतराई के अलावा भी कई गांवों में यही रास्ता विभाग ने अपनाया है जिससे लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।

दस हजार उपभोक्ताओं पर बकायाः विद्युत विभाग लंबे समय से बिजली का बिल न चुकाने वाले उपभोक्ताओं के विरूद्घ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में था और अब उसने सख्त रूख अपना कर कार्रवाई शुरू भी कर दी है। कुछ समय पहले तक विभाग द्वारा ऐसे लोगों को सूचना पहुंचाई जा रही थी जिनका बकाया था। लेकिन इसके बाद भी जब बिल जमा नहीं किया गया तो विभाग ने यह कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि इससे वे लोग ज्यादा परेशान हैं जिन्होंने बिल जमा किए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले मे लगभग 10 हजार कनेक्शन धारक ऐसे हैं, जो विगत छह माह से बिजली का उपयोग तो कर रहे हैं परंतु बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इनकी सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है, जो लगातार नोटिस देने के साथ ही बिजली काटने की कार्रवाई कर रहे हैं।

30 करोड़ रुपये बकाया

विद्युत विभाग के अभियंता एलके नामदेव ने बताया कि जिले में लगभग 30 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का भुगतान लंबित है। इसमे से घरेलू उपभोक्ताओं पर 12 करोड़, व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर 4 करोड़, औद्योगिक इकाईयों पर 2 करोड़, कृषि कनेक्शनो का 3 करोड़ तथा शेष करीब 7 करोड़ रुपये की देनदारी शासकीय विभागों की है। विभाग इस राशि की वसूली मे जुटा हुआ है। इनमे से 260 बड़े बकायादार हैं, जिन्हे कुर्की का नोटिस भेजा गया है।

अनुदान रद्द करने की कार्रवाईः अधिकरियों ने बताया है कि जिले मे कई किसान ऐसे हैं, जो शासन की योजनाओं के तहत अनुदान का लाभ तो उठा रहे हैं, परंतु बिजली का बिल नहीं चुकाते। ऐसे उपभोक्ताओं के अनुबंध निरस्त कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा जा रहा है ताकि उनको अनुदान तभी मिले जब वे नियमित रूप से विद्युत विभाग के बिलों का भुगतान करें।

आपूर्ति का मात्र 60 प्रतिशत भुगतानः गौरतलब है कि मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा ट्रांसमीशन कम्पनी से बिजली खरीद कर इसकी आपूर्ति करती है। सूत्रों के मुताबिक जिले मे कुल बिजली की खपत 275 लाख यूनिट है, जबकि भुगतान केवल इसका 60 प्रतिशत अर्थात 165 लाख यूनिट का ही प्राप्त हो रहा है। इसकी वजह से उत्पादन कम्पनियों को हर महीने 110 लाख यूनिट की राशि का भुगतान कम हो पा रहा है। यह बकाया महीने दर महीने बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि कम्पनी की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होती जा रही है।

भुगतान की अपीलः विभाग द्वारा लंबित राशि की वसूली करने के लिए कड़े निर्देश दिये गये हैं। बकायादारों के विरूद्घ कुर्की तथा कनेक्शन काटने आदि की कार्रवाई जारी है। जिले के समस्त उपभोक्ता बिजली के बिलों का भुगतान समय पर कर जुर्माना, डिस्कनेक्शन और पुनः कनेक्शन से होने वाले नुकसान और असुविधा से बच सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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