शहडोल(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा व भारतीय कोयला खदान ठेका मजदूर संघ के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ों स्थानीय बेरोजगार युवक अमलाई ओसीएम गेट पहुंचे और आग बरसती धूप में घंटों गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन करते हुए स्थानीय बेरोजगार युवकों को रोजगार मुहैया कराए जाने की मांग की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही पुलिस बल तैनात था और अमलाई ओसीएम गेट को बंद रखा गया था और दोलनकारियो को खदान के अंदर प्रवेश करने पर रोका गया।आंदोलनकारी बंद गेट पर ही बैठकर चेन्नाई राधा कंपनी के कर्ताधर्ता को बुलाने की मांग करते रहे और उन्होंने कई बार धनपुरी थाना प्रभारी नरबद सिंह धुर्वे से कहा कि कंपनी के कर्ताधर्ता को बात करने के लिए गेट पर बुलाया जाए लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हुआ। दो ढाई घंटे तक आंदोलनकारी इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे नौकरी को लेकर डटे रहे,लेकिन कंपनी कोई अधिकारी नहीं आए।आंदोलनकारियों की लगातार मांग और विरोध प्रदर्शन के बावजूद जब चेन्नाई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स के अधिकारी गेट के बाहर नहीं आए और उन्होंने आंदोलनकारियों से कोई बात नहीं की तब तहसीलदार पहुंचे। बंद गेट पर ही आंदोलनकारियों से बातचीत करते रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकला।इसके पश्चात एसडीएम,एसडीओपी, धनपुरी थाना प्रभारी नरबद सिंह धुर्वे, अमलाई, बुढार ,थाना प्रभारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे।

घंटों खड़े रहे ट्रकः जानकारी के अनुसार जब तक अमलाई ओसीएम गेट पर आंदोलनकारी ढाई से तीन घंटे बैठे रहे तब तक कई कोयले से भरे ट्रक खदान पर ही खडे रहे।आंदोलनकारियों का कहना था कि प्राइवेट चेन्नाई कंपनी अपने वादो से मुकर जाती है, इसलिए जब तक हमारी समस्या का हल नहीं होता हम गेट को नहीं छोड़ेंगे।पिछले महीने 13 अप्रैल को भी अल्पसंख्यक मोर्चा ,भारतीय कोयला खदान ठेका मजदूर संघ द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवकों को लेकर चेन्नाई कंपनी से बात की गई थी, उन्होंने कहा था कि हम स्थानीय लोगों को पूरी प्राथमिकता देंगे लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी स्थानीय लोगों को रखने की बजाए बाहरी लोगों को रखा जा रहा है,जिसको लेकर स्थानी युवाओं के द्वारा बाध्य होकर आंदोलन का रूप अख्तियार करना पड़ा।

स्थानीय लोंगों को रोजगार दें: आंदोलनकारियों का कहना है कि कंपनी 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दे। शासन के निर्धारित मापदंडों का पालन करें। 12 घंटे की जगह आठ घंटे काम ले, वेतन भुगतान पेमेंट स्लिप के अनुसार ही की जाए। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि सीधी जिले के बहरी गांव के 40 लोगों को नौकरी में रखा गया है। क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बेरोजगारों को बुलाकर उन लोगों से बात नहीं करते महीनों लोग आफिस का चक्कर लगाते हैं लेकिन कंपनी के अधिकारी न फोन उठाते न बात करते हैं। कंपनी के अधिकारी जानबूझकर बेरोजगारों को घुमाते रहते हैं, परेशान होकर वह स्वयं आना बंद कर देते हैं।

ब्लैक मेलिंग का लगाया आरोपः चेन्नाई राधा इंजीनियरिंग के भानु प्रताप ने बताया कि हम 80 प्रतिश स्थानीय लोगों को ही रखे हैं, कुछ लोगों के द्वारा हमें ब्लैक मेलिंग कर परेशान किया जा रहा है। कोयला को लेकर जहां देश परेशान है हम लोग जल्द से जल्द ओवी ,कोयला निकालकर देने का प्रयास करते हैं लेकिन हमारा सपोर्ट सरकारी विभागों द्वारा नहीं की जा जा रहा है, जिससे आए दिन पार्टी बदल बदल कर लोग आकर परेशान करते हैं। इस तरह के हरकत से परेशान हैं।ऐसे में कोई अन्य कंपनी काम करने नहीं आएंगी।

आज तहसील में होगी बैठकः अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल अध्यक्ष रमजान शेख ने बताया कि पुलिस प्रशासन, कालरी प्रबंधन और चेन्नाई राधा कंपनी के बीच यह निर्णय लिया गया है कि स्थानीय बेरोजगार लोगों को रोजगार के लिए 22 मई सोमवार सुबह 12.00 बजे तहसील कार्यालय बुढार में बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें यह निर्णय लिया जाएगा।समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close