उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शासन द्वारा हाल ही में पंचायतों का परिसीमन रद्द किए जाने से जिले के कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार के नए फैसले से जिला, जनपद तथा ग्राम पंचायत के चुनाव पूर्व की भौगोलिक स्थिति में होंगे। विशेषकर जिला पंचायत के सदस्य पद के उम्मीदवारों को फिर उन्हीं क्षेत्रों में जोर आजमाइश करनी होगी, जहां से वे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। यही उनके लिये बड़ी समस्या का सबब बन गया है। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल मे हुए परिसीमन से जिले के कई वार्ड प्रभावित हुए थे। जानकारों का मानना है कि शिवराज सरकार को इस बात का अंदेशा है कि इस प्रक्रिया मे कुछ नेताओं द्वारा अपने वार्डों के कमजोर इलाकों को कटवा कर मजबूत क्षेत्रों को शामिल कराया गया था, जिससे उनके जीत की राह आसान बन सके। परिसीमन रद्द होने से जुगाडू नेताओं की सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

नगर परिषद पर असमंजसः इसके अलावा नई मानपुर नगर परिषद के गठन को लेकर भी लोगों मे असमंजस की स्थिति है। गौरतलब है कि जिले मे जिला पंचायत के कुल 10 वार्ड हैं, इसमे से वार्ड क्रमांक 3 की मानपुर, सिगुड़ी, सेमरा और गोवर्दे सहित 4 ग्राम पंचायतों को मिला कर नगर परिषद मानपुर का गठन किया गया है। उनका मानना है कि यदि परिसीमन रद्द हुआ तो उक्त वार्ड का जनसंख्या अनुपात गड़बड़ा सकता है। इस संबंध आयोग क्या निर्णय लेगा इस पर सभी निगाहे हैं।

निर्वाचन आयुक्त ने की चर्चाः इसी बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी कलेक्टरों से राज्य शासन द्वारा जारी नवीन अध्यादेश के संबंध में चर्चा की है। श्री सिंह ने कहा कि अध्यादेश के अनुसार पूर्ववर्ती परिसीमन निरस्त हो जाने से ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व जिला पंचायत क्षेत्र का निर्वाचन उस परिसीमन एवं विभाजन के आधार पर किया जाना है, जो उनकी संबंधित अवधि की समाप्ति के ठीक पहले विद्यमान थे। साथ उनका आरक्षण भी पूर्ववत रहेगा। उन्होने साफ किया है कि अध्यादेश ऐसी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत क्षेत्र पर प्रभावी नहीं होगा, जो संबंधित पंचायतों के अंतिम निर्वाचन के बाद किसी नगरीय क्षेत्र में शामिल हो गये हैं। उन्होने जिला स्तर पर विकासखण्ड को इकाई मानते हुए नवीन परिसीमन मे प्रभावित ग्राम पंचायतों की जानकारी उनकी संख्या में कमी-वृद्धि होने अथवा सीमा क्षेत्रों परिवर्तन होने की स्थिति मे विकाखण्डवार जानकारी तैयार कररे के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि ग्राम पंचायत के वार्डों का क्षेत्र यदि परिवर्तित हुआ, तो इसकी जानकारी भी तैयार करें। पूर्व परिसीमन को आधार मानते हुए, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल ग्राम पंचायतों की स्थिति अनुसार इन निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करें। यह जानकारी आगामी 25 नवम्बर तक चाही गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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