विदिशा(नवदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले में कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस साल के सबसे ज्यादा 29 संक्रमित गुरुवार को मिले। 31 दिसंबर को पहला मरीज मिला था उसके बाद रोजाना संख्या बढ़ती गई। अब तक सात दिनों में 63 मरीज मिल चुके हैं। इधर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ा दी गई है। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल के अलावा ब्लॉक लेवल के शासकीय अस्पतालों में आक्सीजन युक्त पलंग रिजर्व कर दिए गए हैं।

जिले में कोरोना मरीजों की संख्या रोजाना दो गुना की रफ्तार में बढ़ रही है। बुधवार को 15 मरीज संक्रमित पाए गए थे लेकिन गुरुवार को संख्या दो गुना होकर 30 हो गई। इन 30 मरीजों में से एक मरीज रायसेन जिले का था इसलिए विदिशा में 29 संक्रमित ही गिनती में लिए गए। संक्रमित मिले मरीजों की कान्टेक्ट हिस्ट्री देखी जा रही है उनके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जाएंगे। सभी संक्रमितों को घर में ही आइसोलेट कर दिया है। इधर बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए प्रशासन सख्ती बरतना शुरू कर रहा है। शहर में तहसीलदार सरोज अग्निवंशी ने एक दिन पहले से ही बाजार में बिना मास्क के घूमने वालों को रोकने टोकने के साथ चालानी कार्रवाई भी शुरू कर दी हालाकि उन्होंने लोगों से जुर्माना नहीं वसूला लेकिन मास्क लगाने ही हिदायत दी।

524 बेड तैयार, 384 पर ऑक्सीज भी

750 बिस्तरों के मेडिकल कालेज में 404 बेड कोरोना मरीजों के लिए रजिर्व में किए गए हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी 120 पलंग कोरोना मरीजों के लिए हैं। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार कर लिए गए हैं। दोनों ही अस्पतालों में 524 बेड तैयार हैं। जिनमें 384 बिस्तरों पर आक्सीजन की व्यवस्था है। इस बार मेडिकल कालेज में आक्सीजन युक्त आइसोलेशन बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। दूसरी लहर के दौरान यहां 310 बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए थे जिसे बाद में बढ़ाकर साढ़े तीन सौ तक कर दिया था। इस वर्ष बेड 404 कर दिए हैं। यहां आक्सीजन पांइट वाला 120 बेड का आइसोलेशन वार्ड है इसके अलावा पीआइसीयू, आइसीयू और एचडीयू वार्ड में कुल 164 बेड तैयार हैं। जिला अस्पताल में 120 पलंग हैं, जिनमें 102 पलंग पर आक्सीजन की व्यवस्था है।

नए नियम अब आइसोलेशन सात दिन का

शासन ने होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन तय कर दी है। जिसके तहत अब आइसोलेशन में रहने की अवधि 14 दिन के बजाय 7 दिन की रहेगी। जिला स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यदि मरीज को तीन दिन तक लगागार बुखार नहीं आता है तो उसे सात दिन आइसोलेशन में रखा जाएगा। यदि मरीज को बुखार आता है तो उसे जब तक बुखार ठीक नहीं होता तब तक वह आइसोलेशन में ही रहेगा। इससे पहले दूसरी लहर के दौरान संक्रमित आए मरीज को 14 दिन तक आइसोलेशन में रहना पड़ता था। हालाकि तीसरी लहर में आ रहे मरीजों में ज्यादा खतरा नहीं दिखाई दे रहा है। जिले के 63 मरीजों में केवल 2 ही अस्पताल में भर्ती हैं।

19 सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे

इन 63 मरीजों में कौनसा वेरिएंट है इसके लिए जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजने की कार्यवाही शुरू हो गई है। जिला महाकारी अधिकारी डॉ शोएब ने बताया कि संक्रमित आए मरीजों में ओमिक्रोन या दूसरा वेरिएंट है इसकी पहचान के लिए 19 सैंपलों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए मेडिकल कालेज भेज दिए गए हैं। इन सैंपलों को दिल्ली भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जिले में आक्सीजन वाले बेड की स्थिति

अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र-- बेड संख्या

- मेडिकल कालेज- 284

- जिला अस्पताल- 102

- बासौदा अस्पताल- 30

- सिरोंज अस्पताल- 20

- ग्यारसपुर में- 10

- कुरवाई में- 10

- शमशाबाद में 10

लटेरी में - 10

नटेरन में - 10

इनका कहना है

जिले के बासौदा सिरोंज अस्पतालों के अलावा ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में भी 10-10 बेड तैयार हैं जिनमें आक्सीजन की व्यवस्था भी है। नई गाइडलाइन के तहत अब बुखार नहीं आने वाले संक्रमित मरीजों को केवल सात दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा।

- डा. अखंडप्रताप सिंह, सीएमएचओ

इनका कहना है

हमारी तैयारी पूरी है, मेडिकल कालेज में 404 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं स्टाफ को भी तैयार रहने के निर्देश हैं। जो मॉनिटर वेंटिलेटर थे वह भी तैयार हैं। हमने अस्पताल के दूसरे, पांचवे और छठवे माले पर अलग अलग वार्डों में तैयारी कर दी है।

- डा. सुनील नंदेश्वर, डीन मेडिकल कालेज

Posted By: Nai Dunia News Network

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